पूर्व सीएम और सीडब्ल्यूसी मेंबर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अकालियों पर पलटवार किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और डिप्टी सीएम सुखबीर बादल को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के मुद्दे पर आड़े हाथों लिया है।
कैप्टन ने कहा कि अकाली, राहुल गांधी द्वारा एक चैनल को दिए बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। अकाली सिख दंगों के लिए राहुल गांधी से माफी मांगने को कह रहे हैं। जबकि, उस समय वह सिर्फ 13 साल के थे, उनका इससे दूर तक का नाता नहीं था।
ऐसे में राहुल को कैसे दोष दिया जा सकता है। उन्होंने अकालियों को आगाह किया कि वे राहुल के सीधे-साधे व ईमानदारी से भरे बयान का गलत मतलब निकालना बंद करें।
इस बात का स्वागत करना चाहिए कि राहुल ने न तो मुद्दे से हटने की कोशिश की, न ही किसी आरोपी के बचाव में कुछ कहा। कैप्टन ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी दो बार उनकेसाथ दरबार साहिब गईं।
जहां उन्होंने सिख दंगों पर गहरा अफसोस जताया। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने भी संसद में माफी मांगी। कैप्टन ने भाजपाइयों को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे अपने प्रधानमंत्री कैंडिडेट नरेंद्र मोदी से भी माफी मांगने को कहें।
यह कहा था राहुल ने इंटरव्यू में
लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के ‘अघोषित’ पीएम उम्मीदवार राहुल गांधी ने सोमवार को समाचार चैनल टाइम्स नाउ को दिए इंटरव्यू में कहा था कि वर्ष 2002 में गुजरात में जो दंगे हुए थे उसमें राज्य सरकार की भागीदारी थी, जबकि 1984 के सिख विरोधी दंगों को रोकने के लिए तत्कालीन सरकार ने पूरी कोशिश की थी।
इंटरव्यू में उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि 1984 के दंगे में संभवत: कुछ कांग्रेसी शामिल थे। उन्होंने कहा कि गुजरात दंगों और 1984 के दंगों में अंतर है।
एक जगह राज्य सरकार दंगों में भागीदार थी जबकि दूसरी जगह सरकार ने इसे रोकने की कोशिश की। लेकिन गुजरात दंगों के लिए मोदी से माफी की मांग करने वाली कांग्रेस के उपाध्यक्ष 1984 के दंगों के लिए खुद के माफी मांगने के सवाल पर सीधा जवाब देने से बचते रहे।