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पंजाब में कश्मीरी छात्रों की बढ़ाई गई सुरक्षा, माहौल बिगाड़ने वाले समारोहों, विरोध प्रदर्शनों पर रोक

Tue, 06 Aug 2019 02:22 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैप्टन ने की कानून-व्यवस्था की समीक्षा - फोटो : अमर उजाला
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कश्मीर के घटनाक्रम पर पाकिस्तान की प्रतिकूल प्रतिक्रिया की आशंका के मद्देनजर, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में ऐसे किसी भी तरह के समारोह या विरोध प्रदर्शन पर रोक लगा दी है, जिससे राज्य में माहौल बिगड़ सकता हो। 

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सोमवार को मुख्यमंत्री ने सीमा पर तनाव बढ़ने के साथ, पंजाब पुलिस को निर्देश दिया कि राज्य में अशांति पैदा करने के पाकिस्तान के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के मद्देनजर राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में राज्य के शीर्ष पुलिस व सिविल अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया।

बैठक में कश्मीर पर केंद्र सरकार की घोषणा के बाद उत्पन्न स्थिति पर मंथन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान इसे हलके में नहीं ले सकता और भारत के खिलाफ कोई न कोई हरकत कर सकता है।

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उन्होंने राज्य पुलिस को किसी भी घटना से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा। कैप्टन ने पंजाब के विभिन्न शैक्षिक संस्थानों में पढ़ रहे 8000 कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा बढ़ाने का आदेश देते हुए एसपी और डीसीज को उनसे मिलने और उनसे व्यक्तिगत रूप से बात करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री, जो व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं, ने पंजाब के उन जिलों में सुरक्षा बढ़ाने का आदेश दिया जो कश्मीर सीमा से सटे हैं। उन्होंने पंजाब से कश्मीर जाने वालों के सुचारु और सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के पुलिस और जिला प्रशासन को दिए अपने पहले निर्देशों को भी दोहराया। पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र पिछले दो दिनों से अलर्ट पर हैं, क्योंकि पर्यटकों और अमरनाथ यात्रियों को सुरक्षा चिंता का हवाला देते हुए घाटी छोड़ने के लिए कहा गया था। 

इस बीच, कैप्टन ने कश्मीर के भीतर और बाहर सभी से अपील की है कि वे शांत रहें और इन कठिन परिस्थितियों में राष्ट्र की शांति और सद्भाव को बिगाड़ने की कोई कोशिश न की जाए। इस बैठक में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, सीपीएससीएम सुरेश कुमार, मुख्य सचिव करण अवतार सिंह, पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता, गृह सचिव सतीश चंद्रा, डीजीपी इंटेलिजेंस वीके भावरा और पीएससीएम तेजवीर सिंह भी मौजूद थे।

डीजीपी पंजाब ने आईजी बठिंडा के साथ की वीडियो कॉन्फ्रेंस

केंद्र सरकार की तरफ से सोमवार को जम्मू कश्मीर में हटाई गई अनुच्छेद 370 को लेकर डीजीपी दिनकर गुप्ता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सूबे की कानून व्यवस्था पर नजर बनाए रखी। बठिंडा जोन के आईजी एम एफ फारूकी के साथ भी डीजीपी ने बात की।

करीब एक घंटे तक चली इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में आला पुलिस अधिकारियों के अलावा सिविल प्रशासन के उच्च अधिकारी भी उपस्थित रहे। आईजी एम एफ फारूकी ने कहा कि आज की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का मुख्य मकसद आईजी जोन के अधीन बठिंडा, मुक्तसर, मानसा जिलों में अमनशांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लेना था। 

जम्मू के लिए नहीं चली कोई बस
जम्मू के लिए सोमवार को एक भी बस न चलने के कारण पठानकोट से जम्मू जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रेल सेवा रूटीन की तरह चली लेकिन जम्मू में कर्फ्यू होने की वजह से न के बराबर यात्री जम्मू की ओर रवाना हुए।

जम्मू से आने वाली सभी ट्रेनों से बड़ी संख्या में यात्री पठानकोट पहुंचे। स्टेशन व बस स्टैंड पर पूरी तरह से सन्नाटा छाया रहा। बस स्टैंड पर अपने गांव नगरी जाने वाले राकेश व गगन ठाकुर ने बताया कि वह दो घंटे से बस स्टैंड पर जम्मू जाने वाली बस का इंतजार कर रहे हैं लेकिन कोई भी बस नहीं चल रही है। 

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चंडीगढ़ में अलर्ट, सार्वजनिक स्थलों पर बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था सामान्य बनी रहे, इसके लिए सभी तरह के एहतियात बरते जा रहे हैं। शहर के सभी प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। डिप्टी कमिश्नर मपदीप सिंह बराड़ ने सभी एसडीएम से शहर के साथ आम लोगों की सुरक्षा और स्थिति पर विशेष नजर रखने की हिदायत दी है।  

डीसी ने बताया कि बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस को सतर्क कर दिया गया है। यहां पर यात्रियों को अतिरिक्त जांच से गुजरना पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पर सोमवार के हुए घटनाक्रम और 15 अगस्त को होने वाले स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों को देखते हुए यह आदेश जारी किया गया है। 

इसके लिए एसडीएम ईस्ट, वेस्ट और सेंट्रल को शहर के प्रमुख जगहों पर हो रही गतिविधियों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। बताते चलें कि केंद्र सरकार ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर राज्य से संविधान का अनुच्छेद 370 हटाने के साथ राज्य का विभाजन कर जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख को दो केंद्र शासित प्रदेश बना दिया। इसके बाद चंडीगढ़ में भी किसी भी घटना से निपटने के लिए अलर्ट कर दिया गया है। विशेष तौर पर भीड़भाड़ वाले इलाकों पर पुलिस को पैनी नजर रखने के लिए कहा गया है।   

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