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चंडीगढ़ः गृहमंत्री अमित शाह के सामने कैप्टन अमरिंदर ने हरियाणा को पानी देने से कर दिया इंकार

Sat, 21 Sep 2019 09:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
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अमरिंदर सिंह
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हरियाणा को एसवाईएल का पानी न देने को लेकर पंजाब के कड़े तेवर बरकरार हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 29वीं बैठक में शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने साफ कह दिया कि पड़ोसी राज्यों के साथ बांटने के लिए उनके पास सरप्लस पानी नहीं है। अमरिंदर सिंह ने यह बात हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सतलुज-यमुना के पानी की मांग पर चर्चा के दौरान कही। 

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बैठक में कहा कि एसवाईएल हरियाणा की जीवनरेखा है। पंजाब से रावी-ब्यास के पानी में से हरियाणा को पूरा हिस्सा अब भी नहीं मिल पा रहा है। बीते वर्षों में यमुना में पानी की निरंतर कमी हुई है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हरियाणा के एक हजार से भी अधिक गांव और लाखों एकड़ भूमि आज भी प्यासी है। 

उन्होंने उम्मीद जताई कि किशाऊ डैम के लिए एमओयू पर जल्द हस्ताक्षर हो जाएंगे। रेणुका, लखवार ब्यास बांध और किशाऊ डैम के बनने से हरियाणा को पानी की भारी कमी से निपटने में सहायता मिलेगी। हरियाणा में पानी की मांग 36 एमएएफ है और आपूर्ति केवल 14.7 एमएएफ है। बावजूद इसके हम सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए दिल्ली को यमुना नदी से अपने हिस्से का पानी दे रहे हैं। 
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि बैठक में पानी के उचित बंटवारे पर बात हुई है। पानी को लेकर हमारे विवाद पुराने हैं। हमारे यहां यमुना का पानी भरतपुर और झुंझनु जैसे जिलों में नही पहुंच पा रहा है। गहलोत ने हरियाणा पर निशाना साधते हुए कहा कि पानी के मुद्दे पर हरियाणा को भी सहयोग करना चाहिए। हरियाणा में चुनाव होने वाले हैं। 

चुनाव के हिसाब से हरियाणा की सोच अलग होगी, लेकिन पानी को लेकर हमारी मांग पुरानी है, जिसे हम मांग उठाते रहेंगे। दिल्ली में पानी को लेकर होने वाली बैठक में सारे मुद्दे विस्तार से उठाएंगे। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने भी दिल्ली में पानी की कमी का मुद्दा उठाया।
 

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बीबीएमबी में राजस्थान, हिमाचल होंगे स्थायी सदस्य

बैठक में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने बीबीएमबी में स्थायी सदस्यों का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ हरियाणा और पंजाब ही स्थायी सदस्य हैं। राजस्थान को बीबीएमबी में स्थायी सदस्य बनाया जाए। गहलोत की मांग को गृह मंत्री अमित शाह ने मान लिया। उन्होंने कहा कि बीबीएमबी में राजस्थान और हिमाचल प्रदेश को भी सदस्य बनाया जाएगा। बैठक में बीबीएमबी की कार्यप्रणाली और सुगम बनाने पर भी चर्चा हुई।

पंजाब बड़े भाई के नाते हरियाणा से करे पानी के मुद्दे का समाधान : शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश में जितने भी राज्य हैं, उनमें पानी कहीं न कहीं जटिल मुद्दा बन गया है। इसका समाधान हमें राजनीति से ऊपर उठकर करना पड़ेगा। पंजाब को बड़ा भाई होने के नाते हरियाणा के साथ लंबित पानी के मुद्दे का समाधान मन से करना होगा। केंद्र सरकार इस मुद्दे का हल निकालने के लिए पहले से ही गंभीर है। पानी और बिजली के अंतरराज्यीय मुद्दों पर बातचीत के लिए आगामी दो महीने में दिल्ली में बैठक बुलाई जाएगी।
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