पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि वह उम्मीद करते है कि ऐसी टिप्पणियां करने से पहले केजरीवाल ने इन कानूनों के बारे थोड़ा बहुत होम वर्क किया होगा। मैं सोचता था कि आम आदमी पार्टी नेता को संविधान के बारे में भी कुछ पता होगा। जिसमें यह स्पष्ट तौर पर दर्ज है कि राज्य आवश्यकतानुसार स्थानीय और अन्य संबंधित केंद्रीय कानून में संशोधन कर सकते हैं। जैसे कई मामलों खासतौर पर सीपीसी और सीआरपीसी कानूनों में किया गया।
उन्होंने कहा कि गेंद अब आपके पाले में है कि आप किसानों के हक में खड़े हों या विरोध में। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री को पंजाब के संशोधन विधेयकों के मसले पर स्पष्ट तौर पर स्टैंड लेने की चुनौती दी।
केजरीवाल ने फिर पंजाब और पंजाबियों की पीठ में छुरा घोंपा : कांग्रेस
उधर, कांग्रेसी नेताओं ने केजरीवाल द्वारा पंजाब विधानसभा में पास विधेयकों को नाटक कहने पर कड़ा एतराज जताया है। कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधायक दर्शन सिंह बराड़, कुलबीर सिंह जीरा, बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा और प्रीतम सिंह कोटभाई ने कहा है कि केजरीवाल को खुद एक राज्य का मुख्यमंत्री होते हुए इस बात का भी अंदाजा नहीं कि कृषि एक प्रांतीय विषय है और कानून बनाने का राज्यों को पूरा हक है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल की इस टिप्पणी ने प्रांतीय विधानसभा का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने पंजाब और पंजाबियों की पीठ में पहली बार छुरा नहीं घोंपा है बल्कि पहले भी कई बार पंजाब विरोधी बयान दे चुके हैं।
केजरीवाल का ट्वीट
राजा साहिब, आप खुद मान रहे हो कि राज्य सरकार केंद्र के कानून नहीं बदल सकती। केंद्र सरकार आपके संशोधन मानने वाली नहीं है। तो आपने कल लड्डू किस बात के बांटे? किसानों को धोखा दिया? पहले आपने केंद्र की कमेटी में बैठकर तीनों किसान विरोधी बिल बनाकर धोखा दिया। और अब ये दूसरा धोखा?