पलसौरा के ग्रामीणों ने कैंडल मार्च निकालकर बच्ची के हत्यारों को जल्द पकड़ने, बच्ची को इंसाफ दिलाने और बच्चों की सुरक्षा की मांग उठाई।
कैंडल मार्च में बच्ची के मां, बाप और बहनों के अलावा गांव के 500 लोग ग्राउंड में इकट्ठे हुए। मार्च निकाल रहे लोगों ने कहा कि पुलिस को दिया गया दो दिन का समय पूरा हो गया है। पुलिस को अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।
पुलिस हर बार हत्या जैसे मामलों को सुलझाने में असफल रहती है। गांव से कैंडल मार्च निकलते हुए ग्रामीण पलसौरा चौक पर पहुंचे और मोमबतियां जलाईं।
ग्रामीण मंदीप ने बताया कि जब तक पुलिस हत्यारों को नहीं पकड़ लेती ग्रामीण इसी प्रकार कैंडल मार्च निकालते रहेंगे। उन्होंने बताया कि सारा गांव बच्ची के परिजनों के साथ है। गांव के लोग इस मामले में चुप नहीं बैठेंगे।
गौरतलब है कि वारदात को हुए पांच दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक चंडीगढ़ पुलिस कातिल तक नहीं पाई है। एसएसपी नौनिहाल सिंह सुराग देने वाले का नाम गुप्त रखने की शर्त पर कातिल का पता देने वाले को एक लाख का पुरस्कार देने की घोषणा भी कर चुके हैं।
इससे पहले एसआईटी की टीम ने पलसौरा और उसके आसपास के सभी उन लोगों का रिकार्ड खंगाला लिया है जो पहले किसी न किसी वारदात में शामिल रहे हैं। पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की। बेबी के घर के पास जितने भी किराएदार रह रहे हैं उनसे पूछताछ की गई है। पेठे का कारोबार करने वालों से भी पूछताछ की गई है।
लेकिन अभी तक भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। इससे लोगों में काफी रोष है और वे अपने अपने तरीके से इस गुस्से को जाहिर कर रहे हैं।