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कैंसर पीड़िता ने किया तीन घंटे बस का इंतजार, बात करने पर हुई भावुक

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चंडीगढ़। समस्त केंद्रीय मजदूर कर्मचारी संगठनों ने बुधवार को देशव्यापी हड़ताल की। इस दौरान सेक्टर-43 बस अड्डे पर हड़ताल का काफी असर दिखाई दिया। इस दौरान सेक्टर-43 बस अड्डे पर जम्मू जाने के लिए एक कैंसर पीड़ित महिला ने तीन घंटे बस का इंतजार किया। यहां बस का इंतजार करते हुए महिला को शरीर दर्द भी हो रहा था। पीड़िता बस के आने का इंतजार करती हुई आते-जाते लोगों को पूछ रही थी कि बस किस समय आएगी। इस दौरान एक महिला जिसकी टांग का ऑपरेशन हुआ था वह भी यहीं खड़ी हुई दो घंटे तक बस की राह देखती रही।
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पांच ट्रेड यूनियन इंटक, एटक, सीटू, एक्टू और सीटीयू पंजाब ने हड़ताल का संचालन किया। यहां मजदूरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सेक्टर-43 बस अड्डे से पंजाब रोडवेज की बसें और लोकल बस अड्डे से सीटीयू की बसें सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक बंद रहीं। सेक्टर-17 बस अड्डे पर पंजाब रोडवेज की 80 फीसदी बसें बंद रहीं। सूत्रों से जानकारी मिली कि सुबह साढ़े 8 बजे और उसके बाद के समय पर भी पंजाब रोडवेज न चलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि उसके बाद हड़ताल का कोई खास असर दिखाई नहीं दिया। इसके बाद दोपहर 1 बजे सेक्टर-17 स्थित ब्रिज मार्केट फ्लाईओवर के नीचे एक रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में सरकारी और गैर सरकारी संगठनों से हजारों लोगों ने हिस्सा लिया।
इस मौके पर यूनियन के सभी वक्ताओं ने केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध किया। इंटक के प्रदेश अध्यक्ष नसीब जाखड़ ने सरकार की ओर से सरकारी विभागों का निजीकरण करना, श्रम कानूनों में छेड़छाड़ कर मजदूर विरोधी कानून बनाना, मजदूर मुलाजिम संगठनों पर बंदिश लगाने की कड़े शब्दों में आलोचना की। एटक अध्यक्ष देवी दयाल शर्मा ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में कम से कम वेतन 21 हजार रुपये प्रति माह और पेंशन 10 हजार रुपये महीना दी जानी चाहिए। इसके साथ ही कहा कि आउटसोर्सिंग और ठेका प्रथा बंद की जानी चाहिए। सीटू के दिनेश प्रसाद ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ‘समान काम समान वेतन’ दिया जाना चाहिए। एक्टू से कंवलजीत सिंह ने पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने की मांग की। सभी विभागों में खाली पड़े पदों पर भर्ती करके लंबित पड़े प्रमोशन की भी मांग की गई। सीटीयू पंजाब के इंदरजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि कर्मचारी और मजदूर का शोषण बंद किया जाए। महंगाई पर रोक लगाई जाए।
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शहर में जम्मू और होशियारपुर जाने वाले यात्रियों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। सभी यात्री तीन-तीन घंटो तक बस का इंतजार करते रहे। इन यात्रियों में पीजीआई आने वाले मरीज और बुजुर्ग भी शामिल थे। कई मरीजों के तमीरदार बस अड्डे के अधिकारियों के कमरे में जाकर पूछ रहे थे कि दो बजे के बाद भी बस आएगी या नहीं। इसके साथ ही लोकल बस अड्डे से सीटीयू बस न जाने से मोहाली जाने वाले यात्रियों को कैब या ऑटो से अपने घर जाना पड़ा।
कैंसर पीड़िता ने तीन घंटे किया बस का इंतजार
पठानकोट की ममता ने बताया कि वह कैंसर की मरीज हैं और तीन घंटों से बस का इंतजार कर रही हैं। मौसम खराब होने और बीमारी से पीड़ित होने के कारण उसे शरीर में दर्द हो रहा है। इस दौरान भावुक होकर उनकी आंखें भी नम हो गई।
किडनी की मरीज बुजुर्ग ने किया दो घंटे इंतजार
जम्मू की रहने वाली बुजुर्ग सुदेश ने बताया कि वह पीजीआई दवाई लेने के लिए आई थी। उनका पीजीआई से इलाज काफी समय से चल रहा है। उनकी किडनी में इंफेक्शन है। उन्होंने कहा कि दो घंटे से वह बस का इंतजार कर रही हैं।
जनता की परेशानी से किसी को नहीं पड़ रहा फर्क
होशियार पुर के लिए बस का इंतजार करने वाले बुजुर्ग तरजीत सिंह ने कहा कि सरकार और कर्मचारियों की लड़ाई में जनता को परेशानी हो रही है। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग घंटों तक बसों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन किसी को फर्क नहीं पड़ रहा है।
सरकार मांगे माने, ताकि लोग परेशान न हाें
सीनियर सिटीजन विजय कुमार ने बताया कि जम्मू की बस का वह 12 बजे से इंतजार कर रहे हैं 2 बज गए है। लेकिन अभी तक कोई बस नहीं आई है। अगर कर्मचारियों की मांग मानने लायक है तो सरकार को माननी ही चाहिए, ताकि जनता को परेशानी न हो।
सरकार और कर्मचारी कर रहे मनमानी
पठानकोट जाने वाले बलजीत सिंह ने कहा कि हड़ताल करना गलत नहीं है। लेकिन इस हड़ताल से कितने लोगों को परेशानी हो रही है, यह कोई नहीं समझ सकता। सरकार और कर्मचारी अपनी मनमानी कर रहे हैं और जनता परेशान हो रही है।
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