पंजाब सरकार ने कैंसर मरीजों की पहचान के लिए उपाय शुरू किए हैं। एडवांस स्टेज के कैंसर मरीजों की संभाल के लिए भी पहल की जा रही है। इसके लिए पटियाला में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। जिसके तहत अब तक 479 मरीजों को राहत दी जा चुकी है। सरकार ने होमी भाभा कैंसर अस्पताल संगरूर को टाटा मेमोरियल कैंसर सेंटर मुंबई की मदद से पैलिएटिव कैंसर केयर के मरीजों की संभाल के लिए कहा था। जिसे टीएमसी मुंबई ने स्वीकार कर लिया है।
सेहत विभाग की प्रमुख सचिव विन्नी महाजन ने कहा कि ऐसे मरीजों की देखभाल बहुत जरूरी है। जोकि एडवांस स्टेज पर कैंसर के दर्द और बीमारी के कारण चिंता में जिंदगी व्यतीत कर रहे हैं। पैलिएटिव कैंसर केयर प्रोजेक्ट के तहत डॉक्टरों व नर्सों को दो सप्ताह का ट्रेनिंग प्रोग्राम करवाया गया था। चार सप्ताह की ट्रेनिंग नई दिल्ली में करवाई गई थी।
राजिंद्रा कॉलेज पटियाला में 2-3 डॉक्टरों और 2-3 नर्सों की ड्यूटी ओपीडी व वार्ड में लगाई गई है। यह टीमें गांवों और कस्बों में जाकर भी कैंसर के संबंध में काउंसिलिंग करती हैं। दिल्ली की संस्था कैन सपोर्ट भी इसमें सहयोग कर रही है। टीमों के लिए सिविल सर्जन पटियाला की ओर से रजिस्टर, ओपीडी स्लिप, वाहन, रहने आदि के प्रबंध किए गए हैं।
सरकार की विशेष मंजूरी से कैंसर के ज्यादा दर्द के लिए मॉर्फीन की गोलियां भी खरीदी गईं हैं। जोकि ब्लॉक मेडिकल अथॉटिरी द्वारा मरीजों को दी जाती है। साथ ही कैंसर के लिए इलाज को ?दी जाने वाली आम दवाएं भी मुहैया करवाई जाती हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तजुर्बे के बाद अब यह पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा।