खालिस्तान समर्थकों का प्रदर्शन।
- फोटो : फाइल
कनाडा में भारतीय मूल के राष्ट्रवादी लोगों की मुहिम रंग लाई। खालिस्तान के समर्थन में जनमत संग्रह करवाने जा रहे सिख्स फॉर जस्टिस के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू और उसके समर्थकों को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब कनाडा सरकार ने एक पब्लिक स्कूल में रेफरेंडम के लिए मतदान की अनुमति रद्द कर दी।
जनमत संग्रह 10 सितंबर को ब्रिटिश कोलंबिया के सरीं शहर के तमनविस सेकेंडरी स्कूल में निर्धारित किया गया था। मूल रूप से जालंधर के गोराया के रहने वाले जोगिंदर सिंह बासी ने इसके विरोध में कनाडा में बड़ी मुहिम छेड़ रखी थी। इसके दबाव में सरकार ने मतदान की अनुमति देने से इन्कार कर दिया। जोगिंदर बासी को खालिस्तान समर्थकों ने इसका अंजाम भुगतने की धमकियां भी दी थीं।
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प्रचार सामग्री में एके-47 राइफल
जोगिंदर बासी ने शिकायत की थी कि रेफरेंडम कार्यक्रम की प्रचार सामग्री में हथियार की तस्वीरों के साथ स्कूल की तस्वीरें भी हैं। जनमत संग्रह के पोस्टर में एक एके-47 राइफल के साथ किरपाण भी थी। जाहिर तौर पर इसके माध्यम से भारत को धमकी दी गई थी। इसके विरोध में कनाडा में एक कैंपेन शुरू किया गया था, जिसने भारत प्रेमी लोगों को साथ जोड़ा। इंडो-कैनेडियन वर्कर्स एसोसिएशन ने भी कार्यक्रम को रद्द करने का आह्वान किया था। जोगिंदर बासी ने कहा कि हम बहुत चिंतित थे कि एक पब्लिक स्कूल का उपयोग भारत विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। यहां प्रदर्शित किए गए पोस्टर विभाजनकारी हैं। हमारा मानना है कि किसी भी सार्वजनिक संस्थान का उपयोग बाहरी राजनीतिक आयोजन के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
बम विस्फोट के मास्टरमाइंड की तस्वीर भी
स्कूल का हॉल एक ओंटारियो निवासी ने सामुदायिक कार्यक्रम का हवाला देते हुए किराए पर लिया था। पन्नू के नेतृत्व में सिख्स फॉर जस्टिस से जुड़े आयोजकों ने 1985 में एयर इंडिया फ्लाइट-182 बम विस्फोट के मास्टरमाइंड तलविंदर सिंह परमार और आयोजन स्थल पर हथियारों को प्रदर्शित करते पोस्टर लगाए थे। स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे थे।
मेयर ने कहा, जनमत संग्रह की गतिविधियों का समर्थन नहीं करते
सरीं के मेयर ब्रेंडा लॉक ने स्पष्ट किया कि हम ऐसे किसी जनमत संग्रह की गतिविधियों का समर्थन नहीं करते हैं। उन्होंने स्कूल परिसर में एके-47 दिखाने वाले पोस्टरों की मौजूदगी की कड़ी निंदा की।