फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट में फंसने वालों पर गाज, नहीं दे पाएंगे एग्जाम

Tue, 06 Dec 2016 01:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
Panjab University - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
अटेंडेंस पूरी न होने पर फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करवाने वाले तीन स्टूडेंट्स को पीयू प्रशासन ने दिसंबर की सेमेस्टर परीक्षाओं से डीबार (सस्पेंड) कर दिया है। ये स्टूडेंट्स इस बार परीक्षा नहीं दे पाएंगे।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार पीयू स्थित डॉ. हरवंश सिंह जज डेंटल कॉलेज में चौथे सेमेस्टर की छात्रा चेतना सेठी और पीयू रीजनल सेंटर लुधियाना में बीए एलएलबी 7वें सेमेस्टर के स्टूडेंट खुशवंत सिंगला और एमबीए प्रथम वर्ष के छात्र इंद्रबीर गिल ने लेक्चर पूरे न होने पर फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट जमा
करवाए थे। 

मामले में शिकायत के बाद पीयू प्रशासन ने पीयू चीफ मेडिकल अफसर की अगुवाई में जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने तीनों स्टूडेंट्स को सेमेस्टर परीक्षाओं में बैठने की इजाजत नहीं दी है। साथ ही इन स्टूडेंट्स को भविष्य में परीक्षा देने के लिए लेक्चर पूरे करने होंगे।
विज्ञापन


एक हफ्ते में देना होगा मेडिकल सर्टिफिकेट, होगी जांच
पीयू प्रशासन द्वारा मेडिकल सर्टिफिकेट को लेकर नए नियम बना दिए गए हैं। किसी भी स्टूडेंट का मेडिकल सर्टिफिकेट छुट्टी के एक हफ्ते के भीतर स्वीकार्य होगा। पीयू हेल्थ सेंटर मेडिकल सर्टिफिकेट की अपने स्तर पर जांच करेगा। 
विज्ञापन

अस्पताल बंद मगर उसी के मेडिकल सर्टिफिकेट हुए जमा

exam
एक विभाग से 300 स्टूडेंट बीमार 
पीयू में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का यह सिलसिला कई सालों से चल रहा है। अमर उजाला ने मामले को लेकर काफी प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की थीं। गौरतलब है कि पीयू के कुछ विभागों में तो 250 से 300 स्टूडेंट्स के एक साथ मेडिकल सर्टिफिकेट जमा हुए हैं।

सबसे अधिक मेडिकल जमा करने वालों में यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (यूआईएलएस), यूआईईटी, यूबीएस और डेंटल कॉलेज जैसे विभाग शामिल हैं।

अस्पताल बंद मगर उसी के मेडिकल सर्टिफिकेट हुए जमा
पीयू स्थित हेल्थ सेंटर की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि एक अस्पताल एक साल पहले बंद हो चुका था, लेकिन उस अस्पताल के नाम पर पीयू में मेडिकल सर्टिफिकेट जमा हो रहे थे। मामले का खुलासा होने के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी ने मामले में जांच कमेटी बिठाई और फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट्स का खुलासा हुआ।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें