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पीयूः एसएफएस का आंदोलन आया काम, रीडिंग हॉल और लाइब्रेरी का फर्स्ट फ्लोर छात्रों के लिए खुला

Fri, 26 Apr 2019 01:21 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पुलिस के साथ छात्रों की धक्कामुक्की
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में अलग-अलग मांगों को लेकर चल रहा एसएफएस और एबीवीपी का आंदोलन रंग लगाया। पीयू प्रशासन पर पड़े दबाव के बाद एसएफएस की मांग पर गुरु तेग बहादुर रीडिंग हॉल को विद्यार्थियों के लिए शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक खोल दिया गया। वहीं, एबीवीपी की मांग पर भी पीयू प्रशासन ने मुहर लगाते हुए मुख्य लाइब्रेरी के प्रथम तल को 24 घंटे के लिए खोल दिया गया।
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दोनों ही संगठनों ने विजय जुलूस निकाला और खुशी का इजहार किया। गुरु तेग बहादुर रीडिंग हॉल का उद्घाटन पीयू प्रशासन ने पांच माह पहले कर दिया, लेकिन उसके ताले विद्यार्थियों के लिए नहीं खोले गए। इसके लिए एसएफएस की ओर से समय-समय पर मांग पत्र दिया गया। लगातार मांगों की अनदेखी की गई। आखिर में छात्रों ने पीयूसीएससी अध्यक्ष कनुप्रिया के नेतृत्व में मंगलवार से वीसी कार्यालय के बाहर प्रोटेस्ट शुरू कर दिया।

छात्रों ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे छात्रों की बातें मान लें, लेकिन पीयू प्रशासन ने इसे फिर हलके में ले गया। वीरवार को प्रोटेस्ट वीसी कार्यालय से रीडिंग हॉल के बाहर पहुंच गया। भारी संख्या में यहां पुलिस बल व सुरक्षा गार्ड पहुंच गए। छात्रों ने कहा रीडिंग हॉल खुलवाया जाए। हॉल के संचालक, डीन व कई वार्डन भी पहुंच गए। छात्रों ने मांग रख दी कि रीडिंग हॉल खुलवा दिया जाए, लेकिन किसी ने इस मांग की पूर्ति के लिए जहमत नहीं उठाई।
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छात्रों ने कहा कि जब रीडिंग हॉल छात्रों के लिए बनाया गया है तो फिर इसमें ताले क्यों लगे हैं? कई सवाल छात्रों ने अधिकारियों के सामने खड़े किए तो वे जवाब नहीं दे पाए। आखिर में छात्रों ने रीडिंग हॉल का ताला तोड़ना शुरू किया तो सुरक्षा गार्डों व पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इस बीच हाथापाई शुरू हो गई। धक्का-मुक्की हुई। इससे यहां लगे शीशे टूट गए। इसमें छात्र अंतरप्रीत घायल हो गया। छात्रों का गुस्सा सुरक्षा बल पर भारी पड़ गया और छात्र रीडिंग हॉल में चले गए।

छात्रों ने एलान कर दिया कि यदि रीडिंग हॉल नहीं खुला तो वह आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। पीयू प्रशासन पिछले आंदोलनों से भी सबक नहीं लेता। देर शाम खतरा भांपकर पीयू प्रशासन को एसएफएस की मांग माननी पड़ी। शाम को डीएसडब्ल्यू इमैनुअल नाहर ने रीडिंग हॉल खोलने की घोषणा की। उसके बाद पदाधिकारियों ने विजय जुलूस निकाला, लेकिन विद्यार्थियों ने प्रोटेस्ट वीसी दफ्तर के सामने अन्य मांगों के लिए जारी रखा। उनकी मांग है कि मेस का संचालन कोऑपरेटिव तरीके से होना चाहिए। साथ ही हॉस्टलों में दाखिले के लिए व्यवस्था ऑनलाइन हो।

हजारों छात्रों को मिलेगा लाभ, एबीवीपी के पदाधिकारियों में हर्ष की लहर
चार दिन से एबीवीपी के पदाधिकारियों की ओर से प्रदर्शन किया जा रहा है। उनकी मांग है कि छात्रों के लिए मुख्य लाइब्रेरी 24 घंटे खोली जाए। विद्यार्थियों ने पीयू प्रशासन के समक्ष कई प्रस्ताव रखे और उनका तर्क भी प्रस्तुत किया। अध्यक्ष कुलदीप पंघाल, सचिव परमिंदर सिंह ने कहा कि पीयू प्रशासन छात्रों के हित में नहीं सोच रहा है। लाइब्रेरी यदि 24 घंटे खोल दी जाएगी तो इससे हजारों छात्रों को लाभ मिलेगा। छात्रों की मांगों को दरकिनार कर दिया गया, लेकिन पदाधिकारियों ने आंदोलन के जरिये पीयू प्रशासन पर दबाव बना दिया और आखिर में वीरवार को पीयू प्रशासन को छात्रों की बात माननी पड़ी।

प्रथम चरण में छात्रों के लिए लाइब्रेरी का प्रथम तल खोल दिया गया। छात्रों ने हर्ष जताया और इसी के साथ प्रोटेस्ट खत्म कर दिया।
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विद्यार्थी अनुशासन में रहकर कार्य करें

आंदोलन के बाद पीयू प्रशासन ने उनकी कई मांगें मान ली हैं। उसके लिए प्रेस नोट जारी किया गया, लेकिन डीएसडब्ल्यू इमैनुअल नाहर ने यह भी कहा है कि कुछ विद्यार्थियों की ओर से प्रोटेस्ट के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। साथ ही सुरक्षा बलों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों ने अनुशासन को तोड़ा है, जो गलत है।

भविष्य में इसका ध्यान रखना चाहिए। विद्यार्थी कोऑपरेटिव मेस चलाना चाहते हैं तो प्रस्ताव दें। साथ ही भोजन की गुणवत्ता के लिए भी समय-समय पर नमूने लिए जाते हैं और जांच होती है। छात्रावासों में आम कमरे भी हैं, जहां विद्यार्थी पढ़ाई कर सकते हैं। उनमें सभी सुविधाएं हैं। यह देखा गया है कि इन कमरों में विद्यार्थियों की संख्या कम रही है। गुरु तेग बहादुर रीडिंग हॉल शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक खोल दिया गया है।

पांच माह पहले रीडिंग हॉल का उद्घाटन कर दिया गया, लेकिन पीयू प्रशासन ने इसे नहीं खोला। इससे अधिकारियों की मंशा का अंदाजा लगाया जा सकता है। पीयू प्रशासन छात्रों के हित में निर्णय नहीं लेना चाहता है। प्रोटेस्ट के जरिये रीडिंग हॉल खुल गया है। अब बाकी मांगों को लेकर भी संघर्ष जारी रहेगा।
- कनुप्रिया, अध्यक्ष पीयूसीएससी

एसी जोशी लाइब्रेरी का प्रथम तल विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए खोल दिया गया है। इससे हजारों छात्रों को लाभ मिलेगा। आगे भी छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर कार्य किया जाएगा।
- परविंदर सिंह, सचिव, एबीवीपी
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