अब आपराधिक गतिविधि में संलिप्त स्टूडेंट की पढ़ाई नहीं रुकेगी। इस संबंध में स्कूलों के लिए एक सरकारी फरमान जारी किया गया है। डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन सोसायटी और चंडीगढ़ एसडीएम साउथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी छात्र को मामला दर्ज होने पर निकाला गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। निजी स्कूलों की मनमानी के कारण एसडीएम साउथ ने यह निर्देश जारी किए है। चंडीगढ़ में यह निर्देश 110 सरकारी और 71 निजी स्कूलों को भेजा गया है।
हाल ही में शहर के सेक्टर-38 स्थित विवेक हाई स्कूल में एक स्टूडेंट को दाखिला नहीं देने का मामला चाइल्ड राइट कमीशन और शिक्षा विभाग के सामने गया था। इसमें बच्चे को स्कूल से निकाल दिया गया था। इसके बाद चंडीगढ़ प्रशासन की मीटिंग हुई। मीटिंग में यह फैसला लिया गया कि किसी भी स्टूडेंट की पढ़ाई बाधित न हो। अगर स्कूल में पढ़ने वाले स्टूडेंट से कोई गलती हो जाती है तो उसे सुधरने का मौका दिया जाना चाहिए। उसमें गलत फीलिंग न हो तो उसमें सुधार हो सकता है।
शहर के सरकारी स्कूलों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। इस कारण बच्चों के डिस्टर्ब और पढ़ाई बाधित होने की बात सामने आ रही थी। इसी कारण यह सर्कुलर अप्रैल महीने में जारी कर दिया गया था। शहर के 110 स्कूलों में करीब 1.40 लाख स्टूडेंट पढ़ते हैं। यदि स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बाधित होगी तो अच्छा समाज कैसा बन पाएगा। इन्हीं मानकों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
एजुकेशन यूनियन ने जताई नाराजगी
यूटी एजुकेशनल इंप्लाइज यूनियन के प्रेसीडेंट स्वर्ण सिंह कंबोज ने कहा कि स्कूलाें में यह सर्कुलर भेज दिया गया है, लेकिन स्कूलों में क्रिमिनल स्टूडेंट होंगे तो वहां पर माहौल खराब होने का डर बना रहता है। टीचर्स भले ही स्टूडेंट्स की गलत आदतें कई बार छुपाते हैं, लेकिन इससे अन्य स्टूडेंट्स के साथ खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
स्टूडेंट्स को सही रास्ते पर लाने के लिए यह सर्कुलर निकाला गया है। हमने इसे अप्रैल महीने में सभी स्कूलों को भेज दिया है। स्टूडेंट्स पढ़ाई करेंगे तो सही रास्ते पर आ जाएंगे। टीचर्स भी इस ओर पूरा ध्यान दे, तभी शहर के स्कूलों से अच्छे स्टूडेंट निकलेंगे।
- कृति गर्ग, एसडीएम साउथ, चंडीगढ़ प्रशासन