पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के कैंपस से युवतियों की सोच बदलने की नायाब पहल की गई है। यहां सेनेटरी पैड, नेपकिन डिस्पेंसर मशीनें लगाई जाएंगी। यहां से लड़कियां बेझिझक पैड ले सकेंगी। भारत सरकार से मान्यता प्राप्त एक कंपनी की मशीनें फिलहाल ट्रायल बेस पर चार जगह लगेंगी। रिस्पांस अच्छा रहा तो इनकी संख्या बढ़ा दी जाएगी।
नॉर्थ कैंपस में गर्ल्स हॉस्टल नंबर-6, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडी और साउथ कैंपस में गर्ल्स हॉस्टल नंबर-8, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में चार मशीनें लगाई जाएंगी। सेनेटरी पैड, नेपकिन डिस्पेंसर मशीनें लगवाने का मुद्दा पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल की सचिव वानी सूद ने उठाया था।
पिछले दिनों वानी ने पीयू के रजिस्ट्रार और डीन स्टूडेंट वेलफेयर को भी पत्र लिखकर कहा था कि पीयू में सेनेटरी पैड, नेपकिन डिस्पेंसर मशीन लगनी चाहिए। क्योंकि यूजीसी का नियम भी है और सोच बदलने का उदाहरण भी। अभी तक पंजाब यूनिवर्सिटी के किसी भी विभाग में सेनेटरी नेपकिन डिस्पेंसर नहीं लगाए गए थे।
जबकि यूजीसी ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत काफी समय पहले एक नोटिफिकेशन जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि सभी शिक्षण संस्थानों में स्थान तय करके जरूरत के लिहाज से सेनेटरी नेपकिन डिसपेंसरिंग और डिस्पोजल मशीन लगाई जानी चाहिए। जबकि पीयू में ऐसा कोई इंतजाम नहीं किया गया था।
सिक्का डालो, पैड निकालो
सेनेटरी नेपकिन वेंडिंग मशीन से दस रुपये में तीन पैड मिलेंगे। यह मशीन इस तरह से डिजाइन की गई है कि इसमें दस रुपये का सिक्का डालने पर पैड का पैकेट मिल जाएगा। कई लड़कियां पैड खरीदने में लज्जा महसूस करती हैं, लेकिन इस मशीन के लगने से लज्जा का भी कोई सवाल नहीं रह जाएगा। इसके अलावा सेनेटरी नेपकिन वेंडिंग मशीन के साथ सेनेटरी नेपकिन इनसिनिरेटर भी इंस्टाल किया जाएगा। इसमें इस्तेमाल किया हुआ पैड डालो तो यह उसे जलाकर नष्ट कर देता है। एक तरह से यह ईको फ्रेंडली डिस्पोजल है।
सेनेटरी नेपकिन वेंडिंग मशीन लगाने का मुद्दा कुछ समय पहले उठाया गया था। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने इसे मान लिया है। कंपनी के साथ डीएसडब्ल्यू की बैठक भी हो गई है। फिलहाल चार जगह तय की गई हैं, जहां सेनेटरी नेपकिन वेंडिंग मशीन लगाई जाएंगी।
- वानी सूद, सचिव पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल