पंजाब विश्वविद्यालय की सिंडिकेट के भारी दबाव के बाद यूजीसी को पत्र लिखा जाएगा। सिंडिकेट सदस्य चाहते हैं कि परीक्षा की गाइडलाइन में बदलाव किया जाए। इस समय परीक्षाएं कराना संभव नहीं हो पाएगा। वहीं, दूसरी ओर पीयू ने एक कमेटी बनाई है, जो यह तय करेगी कि छात्रों को किस आधार पर और कैसे प्रमोट किया जा सकता है।
परीक्षाएं कैसे हो सकती हैं। सोमवार को पीयू की सिंडिकेट बैठक में तीन घंटे तक सदस्यों ने हंगामा किया। उनका कहना था कि यूजीसी की ओर से परीक्षा कराने की जो गाइडलाइन जारी की गई हैं, उन्हें वापस लिया जाए। परीक्षाएं किसी भी हाल में नहीं होनी चाहिए। इस मुद्दे पर काफी बहस हुई। आखिर में पीयू वीसी ने हामी भरी की उनकी बात यूजीसी तक पहुंचाई जाएगी।
वहीं, छात्रों ने भी मंगलवार को यूजीसी को बड़ी संख्या में पत्र भेजे हैं। पीयू के फाइनल ईयर के छात्र राकेश शर्मा, सुरेश कुमार, हेमंत सिंह, विशेष शर्मा ने यूजीसी को भेजे पत्र में कहा है कि पीयू के छात्र व सिंडिकेट नहीं चाहती कि परीक्षाएं हों। क्योंकि परीक्षाएं कराई गईं तो तमाम छात्र कोरोना की चपेट में आ सकते हैं, इसलिए परीक्षा न कराई जाएं।
परीक्षा टलने की संभावनाएं कम
पीयू के जानकारों का कहना है कि यूजीसी हर हाल में फाइनल ईयर की परीक्षाएं करवाएगा। यह टलती नजर नहीं आ रही हैं। देश के छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एमएचआरडी को पत्र लिखे हैं। प्रधानमंत्री तक भी पत्र पहुंचे। उन्होंने परीक्षा न कराने को कहा है, लेकिन यूजीसी ने यह संदेश दे दिया है कि परीक्षाएं तो होंगी, लेकिन परीक्षा को और लचीला किया जा सकता है।
इसके लिए विश्वविद्यालय अपने स्तर से प्लान बना सकते हैं। इसे लेकर पीयू की एक कमेटी विचार कर रही है कि छात्रों की परीक्षाएं भी हो जाएं और उन्हें परेशानी का सामना भी न करना पड़े। सूत्रों का कहना है कि पीयू के अधिकारी तो प्लान बना चुके हैं कि परीक्षाएं करवाई जाएं।
एबीवीपी ने कहा, परीक्षा होगी तो भविष्य बचेगा
एबीवीपी ने भी यूजीसी को पत्र भेजे हैं। पत्र में कहा है कि परीक्षाएं छात्रों की हर हाल में करवाई जाएं। यदि परीक्षाएं होंगी तो छात्रों का भविष्य बचेगा। क्योंकि नौकरी आदि मांगने विद्यार्थी जाएंगे तो प्रमोट वाली डिग्री से वह पिछड़ जाएंगे। डिग्री में यदि अंक होंगे तो लाभ मिलेगा। भविष्य डिग्री पर ही टिका हुआ है। यूजीसी से कहा है कि गाइडलाइन में बदलाव न हो, लेकिन जितना सहूलियत छात्रों को दी जा सकती हैं, वह दी जाए।