पीयू स्टूडेंट्स को पढ़ाने के साथ रोजगार भी दे रहा है। उसी कड़ी में अब रिसर्च ट्रेनर रखे जाएंगे, जो रिसर्च स्कॉलर्स की मदद के अलावा प्रोफेसर के कार्यों में भी हाथ बंटाएंगे। नोट्स आदि तैयार रना, रिसर्च लिखने का कार्य उनका होगा। इसके लिए उन्हें हर माह मानदेय भी मिलेगा।
पंजाब विश्वविद्यालय में 68 विभाग हैं। इन विभागों में 450 से अधिक प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, एसिस्टेंट प्रोफेसर है, जो रिसर्च कराते हैं। एक प्रोफेसर के अधीन चार से पांच स्टूडेंट होते हैं। प्रोफेसर्स के पास रिसर्च का अतिरिक्त कार्य हो जाता है। नोट्स आदि समय पर तैयार नहीं हो पाता। बताते हैं कि कई बार रिसर्च की अवधि भी इस कारण बढ़ जाती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए रिसर्च ट्रेनर रखे जाएंगे। इनकी मदद से समय की बचत होगी और समय पर रिसर्च सब्मिट हो सकेंगे। एक विभाग को दो से तीन रिसर्च ट्रेनर दिए जाएंगे। इनका मानदेय कितना होगा यह तय होना बाकी है। सूत्रों का कहना है कि 15 से 17 हजार रुपये के मध्य मानदेय दिया जाएगा।
प्राथमिकता पंजाब विश्वद्यालय से पढ़ाई किए हुए विद्यार्थियों को दी जाएगी। हालांकि आवेदन सभी से मांगे जाएंगे। उनकी वरीयता के आधार पर वह तैनात होंगे। कुल 250 रिसर्च ट्रेनर रखे जाने की योजना है।