पंजाब विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में सचिव के रिजल्ट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार को भी इनसो के कार्यकर्ताओं ने दिनभर वीसी कार्यालय के बाहर प्रोटेस्ट किया। डीएसडब्ल्यू प्रो. इमैनुअल नाहर, डॉ. नवदीप गोयल व डॉ. जितेंद्र ग्रोवर पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि कांग्रेस से इनका संबंध बहुत पुराना रहा है। डीएसडब्ल्यू खुद पंजाब कांग्रेस में पदाधिकारी हैं। ऐसे में उन्हें न्याय की कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने वीसी से कहा है कि इन तीनों को कमेटी से दूर करके री-काउंटिंग कराई जाए अन्यथा उग्र आंदोलन करेंगे।
सचिव के पद पर एबीवीपी समर्थित इनसो के गौरव दुहान शुरू से ही वोट काउंटिंग में आगे चल रहे थे। आखिर में यूआईईटी के वोट खुले तो वह कुछ वोट से पीछे रह गए। गौरव ने आब्जेक्शन किया कि काउंटिंग में गड़बड़ी हुई है। उसी दौरान फिर से उसी विभाग के वोट खोले गए और गिनती शुरू हुई। दोबारा गिनती में बड़ी गड़बड़ी पकड़ में आई। एनएसयूआई के सचिव पद उम्मीदवार तेगबीर सिंह के पक्ष में पांच नोटा वोट थे, जो काउंटिंग करने वालों ने सही वोटों में ठहरा दिए। यह बात सामने आने के बाद इनसो पदाधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठा दिए।
दोबारा काउंटिंग की मांग करने लगे, लेकिन तब तक डीएसडब्ल्यू ने डॉ. नवदीप गोयल के नेतृत्व में रिजल्ट सुना दिया। छात्रों ने प्रोटेस्ट किया और इसी क्रम में रविवार को भी जारी रहा। चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर ने उनसे ज्ञापन लिया और जल्द समस्या समाधान का आश्वासन दिया। गौरव दुहान का कहना है कि काउंटिंग दोबारा हुई तो जीत हमारी होगी। इससे पूरे सिस्टम की पोल खुलेगी, इसलिए वह बचना चाहते हैं। कहा, सोमवार को यदि दोबारा काउंटिंग नहीं कराई गई तो आंदोलन होगा। वीसी से कहा है कि इसके लिए पूरी कमेटी अलग बनाई जाए।