पंजाब यूनिवर्सिटी की सीनेट की शनिवार को 2016-2020 सत्र की पहली मीटिंग काफी हंगामेदार रही। सीनेट में कई मुद्दों को लेकर अशोक गोयल ग्रुप ने जमकर हंगामा किया। पीयू सीनेट में पहली बार सांसद किरण खेर और बीजेपी नेता संजय टंडन पहुंचे। सीनेट में आर्थिक तंगी, कंस्ट्रक्शन घोटाले सहित कई मुद्दों पर लंबी बहस हुई।
सीनेट में पंजाब यूनिवर्सिटी एफिलिएटेड कॉलेजों से जुड़े कई मुद्दों को उठाया गया। लेकिन मीटिंग में पंजाब और यूटी के डीपीआई नहीं पहुंचे। दोनों ही अधिकारियों के लगातार सीनेट में नहीं आने को लेकर काफी गंभीरता से लिया गया। सीनेट ने इस मामले में एक कमेटी गठित करने का फैसला लिया है। जोकि पंजाब के मुख्यमंत्री और यूटी के प्रशासक से दोनों अधिकारियों की सीनेट में उपस्थित के लिए बात करेगी।
सीनेट में एडेड और नॉन एडेड कॉलेजों में नियुक्ति में रिजर्वेशन दिए जाने के मुद्दे को लेकर भी काफी बहस हुई। डॉ.अजय रंगा ने मामले को लगातार लटकाने का आरोप लगाया। मामले में कुलपति ने अगली सिंडीकेट में पूरी रिपोर्ट पेश करने का आश्वासन दिया। पीयू की पहली सीनेट में मुख्यमंत्री पंजाब, एडवाइजर यूटी और शिक्षा मंत्री पंजाब सहित कई एक्सऑफिसियो मेंबर नहीं पहुंचे।
फैकल्टी बदलने पर जमकर हुआ हंगामा
पीयू सीनेट में फैकल्टी बदलने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। अशोक गोयल ग्रुप के सीनेटरों ने मामले में पीयू कुलपति को जमकर घेरा। सीनेटर प्रो.राजेश गिल, केशव मल्होत्रा और आरडी बंसल ने मामले में जमकर विरोध किया। प्रो.राजेश गिल की फैकल्टी बदले जाने को लेकर सवाल किया। इस मामले में काफी देर तक सीनेटर में तकरार होती रही। बंसल फैकल्टी बदलने के विरोध में सीनेट में जमीन पर ही बैठ गए।