फीस बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शनों का दौर जारी
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पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में हुई फीस वृद्धि को लेकर नया मोड़ आ गया है। सीनेट स्टूडेंट्स के समर्थन में आ गई है और वीसी को पत्र लिखा है। वाइस चांसलर (वीसी) अरुण ग्रोवर को लेटर लिखकर नौ सीनेट मेंबर ने फीस बढ़ोतरी को वापस लेने और सब स्टूडेंट्स पर दर्ज केस खत्म कराने के लिए आग्रह किया है।शनिवार को पीयू के सीनेट मेंबर डा. जगदीश मेहता, डा. इंद्रपाल सिंह सिद्धू, डा. गुरमीत सिंह, डा. डीपीएस रंधावा, डा. अमित जोशी, प्रोफेसर हरजोध सिंह, डा. कमल शर्मा, जगदीप कुमार, संदीप सिंह ने यह लेटर पीयू के वीसी अरुण ग्रोवर को लिखा है।
इस लेटर में इन सीनेट मेंबरों ने कहा कि स्टूडेंट्स के एग्जाम पास हैं इसलिए इनकी क्लासें शुरू की जाएं। इनके ऊपर दर्ज केस वापस ले लिए जाएं। अगर ऐसा नहीं होगा तो इन स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में लटक जाएगा। जैसे फीस की बढ़ोतरी हुई है होनी नहीं चाहिए।
सीनेट मेंबरों ने वीसी को लिखे लेटर में कहा है कि हाल ही में पंजाब विश्वविद्यालय में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं और माहौल खराब होने से हम दुखी हैं। पीयू के सभी कोर्सों में हुई फीस वृद्धि छात्रों में अशांति का कारण बनी है। इससे कैंपस में हिंसा हुई। 53 छात्रों के खिलाफ पुलिस ने मामले दर्ज किए हैं। इससे छात्रों और विश्वविद्यालय के अधिकारियों के बीच दूरी बढ़ी है। अगर यह दूरी समय रहते कम नहीं हुई तो पीयू का माहौल खराब हो जाएगा।
पीयू में 7 मई को सीनेट की बैठक बुलाई गई है। फीस बढ़ाने का मुद्दा बैठक के एजेंडे में नहीं उठाया गया है। वीसी को लिखे लेटर में सीनेट मेंबर्स ने कहा कि विवादित शुल्क वृद्धि को तुरंत वापस ले लें। अगर यह वापस हो जाएगी तो छात्रों में रोष कम हो जाएगा और वह सही तरीके से अपनी पढ़ाई पूरी कर पीयू की रैकिंग को बढ़ा सकेंगे। वीसी को लिखे लेटर में कहा है कि आप छात्र समुदाय के हित में इस पर विचार करेें।
पीयू में फीस बढ़ोतरी को लेकर 11 अप्रैल को हिंसा हुई थी। इसमें 53 छात्रों को गिरफ्तार किया गया था। दस दिन बाद छात्रों ने ज्वाइंट एक्शन कमेटी बनाकर बीते शुक्रवार को धरना प्रदर्शन किया था। फीस वृद्धि को लेकर पंजाब के तकनीकी शिक्षा एवं उद्योग मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी स्टूडेंट्स के साथ सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया था।