पंजाब विश्वविद्यालय ने 400 प्रशिक्षु इंजीनियरों की नौकरी बचा ली है। इंजीनियरिंग विभाग ने इन सभी इंजीनियरों के वाइवा लेकर प्रोविजनल प्रमाण पत्र तैयार किए और कंपनियों को भेज दिए। अब कंपनियों भी खुश और इंजीनियर भी। इंजीनियरों ने इंजीनियरिंग विभाग को बधाई संदेश भी भेजे हैं। कहा है कि विभाग ने संकट में नौकरी दिलाने का काम ही नहीं किया बल्कि नौकरी भी बचाई।
एक शिक्षण संस्थान ने अपनी भूमिका का निर्वहन अच्छे तरीके से किया है। विभाग को वह कभी नहीं भूल पाएंगे। कोरोना महामारी काल ने दुनियाभर के करोड़ों लोगों को बेरोजगार कर दिया है। अभी भी हजारों लोगों की नौकरियां खतरे में पड़ी हुई हैं। ऐसे ही पंजाब यूनिवर्सिटी के कई प्रशिक्षु इंजीनियरों की नौकरियां भी दांव पर लगी थी। जहां ये इंजीनियरिंग ट्रेनिंग कर रहे हैं, उन कंपनियों ने पीयू के यूआईईटी विभाग को नोटिस भेजते हुए कहा है कि छात्रों की डिग्रियां मुहैया कराई जाएं। कोरोना के कारण पीयू में परीक्षा नहीं हुई थी।
छात्रों की इस परेशानी को अमर उजाला ने 9 जुलाई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया और उसके बाद पीयू पर दबाव बना तो अधिकारी हल खोजने में जुट गए। उसके बाद विभाग ने ऑनलाइन व अन्य तरीकों से विद्यार्थियों का वाइवा आदि लिया और प्रमाण पत्र तैयार किए। यह कंपनियों को भेज दिए गए। हालांकि फाइनल प्रोविजनल प्रमाण पत्र पंजाब विश्वविद्यालय बाद में जारी करेगा, लेकिन विभाग ने अपने स्तर से विद्यार्थियों की नौकरी बचाने का बड़ा काम किया।
400 छात्र कंपनियों में ले रहे थे प्रशिक्षण
यूआईईटी विभाग के फाइनल ईयर में लगभग 600 विद्यार्थी हैं। इनमें से 80 फीसदी की नौकरियां लग चुकी हैं। जैसे ही विद्यार्थी छठे सेमेस्टर में पहुंचते हैं। कंपनियां उनको योग्यता के मुताबिक चुन कर लेती हैं और आखिरी सेमेस्टर में यह स्टूडेंट ट्रेनिंग पर चले जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि लगभग 400 स्टूडेंट प्रशिक्षण पा रहे थे।
यूआईईटी ने कड़ी मेहनत से इन विद्यार्थियों को तराशा था
इन प्रशिक्षु इंजीनियरों को यूआईईटी ने कड़ी मेहनत से तराशा है। ट्रेनिंग पर जाने के बाद कोरोना ने दस्तक दे दी और इसके कारण इनकी परीक्षाएं लगातार लेट होती गईं। कंपनियों को हर बार जुलाई तक छात्रों की डिग्री या प्रोविजनल मिल जाते हैं, लेकिन इस बार नहीं मिले, क्योंकि पीयू की ओर से परीक्षाएं नहीं करवाई गईं। कोरोना के कारण यह प्रक्रिया लेट होती गई और उसके बाद नौकरी पाए विद्यार्थियों के लिए विभाग के पास नोटिस आने शुरू हो गए। कंपनियां प्रमाण पत्र की मांग करने लगी। हालांकि कुछ कुछ कंपनियों ने यह स्वीकार भी किया है कि कोरोना के कारण ही देरी हो रही है।
फाइनल ईयर के जो विद्यार्थी कंपनियों में प्रशिक्षण पा रहे थे उनके वाइवा आदि लेकर विभागीय प्रोविजनल प्रमाण पत्र तैयार कर दिए गए और यह कंपनियों को भेज दिए गए हैं। फाइनल प्रोविजनल पीयू की ओर से जल्द जारी होंगे। अब कंपनियों संतुष्ट हैं।
- प्रो. सरबजीत, इंचार्ज, प्लेसमेंट सेल, यूआईईटी