गवर्नेंस और लीडरशिप कैसे की जाती है, अब यह पंजाब यूनिवर्सिटी सीखाएगी। इसके लिए बाकायदा तीन चरणों में कोर्स शुरू किया जा रहा है। भले ही आप किसी कॉरपोरेट में हैं या ब्यूरोक्रेट में या फिर विद्यार्थी। इस कोर्स में दाखिला लेकर आप लीडरशिप और शासन करने के गुर सीख सकते हैं। दरअसल पंजाब यूनिवर्सिटी ऐसे कोर्स शुरू करने की प्रक्रिया में है, जो कॅरियर ओरिएंटेड हो। पीयू में मास्टर डिग्री इन गवर्नेंस और लीडरशिप इसी सेशन से शुरू किया गया है।
जिसमें दाखिला लेने के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त तय की गई है। दो साल के मास्टर डिग्री के अलावा तीन माह और चार सप्ताह की अवधि में इसे बांटा गया है। यह उनके लिए फायदेमंद साबित होने वाला है, जो किसी संस्था या नौकरी में कार्यरत हैं। क्योंकि पीयू प्रबंधन ने इस कोर्स को लचीला बनाते हुए दोपहर बाद या शाम को भी एक सेशन रखने का निर्णय लिया है। योजना है कि इवनिंग स्टडी में चलने के साथ शनिवार को पूरा दिन एक सेशन चलाया जाएगा। खास बात है कि कोर्स में थ्योरी का बोझ नहीं होगा, बल्कि इसे प्रैक्टिकल ज्यादा किया जाएगा।
लीडरशिप में तंग हाथ वालों केलिए फायदेमंद
यह कोर्स उनके लिए खासतौर से फायदेमंद रहेगा, जो किसी कारपोरेट में काम करते हैं, लेकिन ठीक ढंग से अपनी टीम का नेतृत्व नहीं कर पा रहे हैं। एक्सपर्ट इस कोर्स में यही सीखाएंगे कि अगर नेतृत्व करने की जिम्मेदारी मिले, तो उसे कैस निभाया जाए? कैसे अपनी टीम को साथ लेकर टारगेट पूरे किए जाएं।
क्या है कोर्स की अवधि
दो साल की मास्टर डिग्री
तीन माह का सर्टिफिकेट कोर्स
चार सप्ताह का क्रैश कोर्स
क्या होनी चाहिए योग्यता
ग्रेजुएशन में कम से कम 50 प्रतिशत मार्क्स
कोई भी मास्टर डिग्री के बाद भी यह कोर्स कर सकते हैं
कौन कर सकता है कोर्स
कोई भी फ्रेश कैंडिडेट
ब्यूरोक्रेट, कारपोरेट में कर्मचारी या अधिकारी
गवर्नेंस और लीडरशिप के तकनीकी पहलु समझने के लिए यह बेहतरीन कोर्स है। थ्योरी से ज्यादा प्रायोगिक नॉलेज इस कोर्स का महत्वपूर्ण पहलु है। विभिन्न सेक्टर के लोगों के यह अच्छा कोर्स है।
- प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर, वीसी, पंजाब यूनिवर्सिटी