पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट चुनाव अगली बार से हाईटेक होने जा रहे हैं। पहली बार मतदान के लिए नया सिस्टम अपनाया जाएगा। 2020 में होने वाले ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्र में पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन मतपत्रों की जगह इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन(ईवीएम) प्रयोग करेगा।
पीयू प्रशासन ने रजिस्ट्रार और सीनेट चुनाव के मुख्य चुनाव अधिकारी कर्नल जीएस चड्डा की देखरेख में तीन आला अधिकारियों की टीम को इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए जिम्मेदारी सौंपी है। यूनिवर्सिटी स्तर पर ईवीएस सिस्टम से चुनाव कराने वाले पीयू देश की पहली यूनिवर्सिटी बन जाएगी।
सीनेट चुनाव में ईवीएस के प्रयोग को लेकर पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर से पहले दौर की बातचीत हो चुकी है। पीयू ग्रेजुएट चुनाव की मतगणना प्रेफरेंस तरीके से होने के कारण यह प्रक्रिया काफी जटिल मानी जाती है। कमेटी पुराने सिस्टम को मशीनों में तबदील करने के लिए किसी आईटी कंपनी की मदद भी ले सकती है।
इस बार प्रशासन को खर्च करना पड़ा काफी पैसा
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सूत्रों के अनुसार पीयू ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्र की 15 सीटों के मतदान और गिनती में पीयू प्रशासन को काफी समय और पैसा खर्च करना पड़ता है। इस चुनाव में ट्राइसिटी, हरियाणा और पंजाब के अलावा देश भर से करीब 3.2 लाख मतदाता साधारण मतपत्र का प्रयोग करते हैं। मतदान से लेकर वोटो की गिनती की प्रक्रिया में 10 दिन का समय लग जाता है।
मैनुअल तरीके से वोटों की गिनती हफ्ते भर चलती है, जिससे प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों का काफी समय बर्बाद होता है। कर्मचारियों की ड्यूटी और अन्य खर्च पर पीयू को लाखों खर्च करने पड़ते हैं। पीयू द्वारा ईवीएस से मतदान के बाद 3 से 4 घंटे के भीतर रिजल्ट घोषित हो सकेंगे। जानकारी अनुसार ईवीएस सिस्टम लागू करने के रजिस्ट्रार कर्नल जीएस चड्डा, पूर्व डीयूआई प्रो.एके भंडारी और कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन प्रो.परविंदर सिंह को पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी दी गई है।
ईवीएम सिस्टम की बारिकियों को लेकर कमेटी दो महीने के भीतर रिपोर्ट तैयार करेगी। ईवीएम सिस्टम लागू करने से पहले इसे पीयू सीनेट और सिंडीकेट सदस्यों के सामने पेश किया जाएगा। स्टूडेंट काउंसिल के जनरल सेक्रेटरी आशिक मोहम्मद का कहना है कि आईटी के दौर में ईवीएस सिस्टम शुरू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईवीएस सिस्टम को पीयू स्टूडेंट काउंसिल चुनाव में भी शुरू करना चाहिए।
सीनेट चुनाव का बजट 2 करोड़
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पीयू सीनेट का गठन हर चार साल बाद नए सिरे से होता है। 2016 सीनेट चुनाव के लिए पीयू के सालाना बजट में 2 करोड़ की राशि रखी गई थी। देश भर के विभिन्न राज्यों में ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्र की 15 सीटों के लिए 270 पोलिंग बूथ बनाए गए थे।
3.2 लाख से करीब 65 हजार ने मत का प्रयोग किया। ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्र का मतदान सबसे बड़ा होता है। लेकिन इस क्षेत्र ते मतपत्रों की गिनती में पीयू प्रशासन को एक हफ्ते का समय और प्रतिदिन 150 के करीब कर्मचारी लगाने पड़ते हैं। मतगणना की प्रक्रिया पर ही 15 लाख से अधिक का खर्च आया है।
पीयू सीनेट चुनाव में ईवीएस सिस्टम को लागू करने पर मंथन शुरू किया गया है। इस बार ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्र के मतदान के लिए ईवीएम मशीनों के प्रयोग को लेकर समय कम था। लेकिन भविष्य में नए सिस्टम को लेकर गंभीरता से प्लानिंग शुरू की जा रही है।
- कर्नल जीएस चड्डा, रजिस्ट्रार पंजाब यूनिवर्सिटी