यूआईईटी पीयू के टीचर्स ने बनाई अनोखी मशीन
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इंजीनियरिंग के पांच टीचर्स ने एक ऐसा अनोखा डिवाइस बनाया है, जिससे डेंटल की दुनिया को काफी फायदे होंगे। असल में ये एक मशीन है, जिसे पंजाब यूनिवर्सिटी स्थित यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी(यूआईईटी) के पांच प्रोफेसरों ने तैयार किया है। करीब एक साल की मेहनत से तैयार इस मशीन से दांत की दिक्कतों को दूर किया जा सकेगा।
इस खास प्रिंटर से किसी भी इंसान को नए दांत ट्रांसप्लांट की शेप के बारे में जानकारी मिल सकेगी। यूआईईटी के मैकेनिकल विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रशांत जिंदल और उनकी टीम ने फैब्रिकेटेड इंडीजीनियस 3 डी प्रिंटिंग मशीन तैयार की है। एमएचआरडी की ओर से इस खास प्रोजेक्ट के लिए करीब डेढ़ करोड़ की राशि मंजूरी की गई थी। इस प्रोजेक्ट पर एक साल से पीयू के प्रोफेसर लैब में काम कर रहे थे।
अगले महीने तक मशीन पूरी तरह काम करना शुरू कर देगी। डॉ.प्रशांत ने बताया कि यह मशीन किसी भी मशीन का छोटा मॉडल तैयार कर देगी। इससे बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस मशीन का खास उपयोग डेंटल कॉलेज में हो सकेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अगर किसी इंसान के दांत टेढे हैं और वह उन्हें बदलवाना चाहता है।
ऐसे में 3डी प्रिंटर से उसके दांत बदलने के बाद का खाका पहले ही तैयार किया जा सकेगा। इस मशीन का भविष्य में अन्य चीजों में भी प्रयोग हो सकेगा। प्रोजेक्ट को आजकल यूआईटी लैब में अंतिम रूप दिया जा रहा है। मशीन को तैयार करने में प्रिंसिपल इनवेस्टिगेटर डॉ.प्रशांत की देखरेख में डा.मनु शर्मा, डॉ.अमित चौहान, डॉ.अमनदीप वधवा और डॉ.ममता जुनेजा काम कर रहे हैं। प्रशांत के अनुसार प्रोजेक्ट के सफल होने और अच्छे रिजल्ट मिलने की उम्मीद है।