पंजाब यूनिवर्सिटी में 10 फीसदी तक फीस बढ़ोतरी का फैसला फिलहाल टल गया है। मंगलवार को हुई सिंडीकेट की बैठक में इस पर मुहर नहीं लगी। मौजूदा सिंडीकेट ने यह फैसला नई सिंडीकेट पर छोड़ दिया है। अब सोमवार को चुनी गई नई सिंडीकेट की जल्द ही बैठक होगी और उसमें फीस बढ़ोतरी पर फैसला लिया जाएगा। बता दें कि पंजाब यूनिवर्सिटी में नए सेशन से पांच से दस फीसदी फीस बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया था।
इस सेशन की शुरुआत में बेतहाशा फीस बढ़ोतरी का जमकर विरोध हुआ था और छात्रों पर लाठीचार्ज तक की नौबत आ गई थी। हालांकि ,फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस लिया गया, लेकिन बाद में पीयू की फीस कमेटी ने तय किया कि हर साल पीयू में पांच से दस फीसदी ही फीस बढ़ोतरी की जाएगी। क्योंकि पीयू की वित्तीय हालत ठीक नहीं है और इतनी फीस बढ़ने से छात्रों पर बेतहाशा बोझ भी नहीं आएगा।
कमेटी के इसी प्रस्ताव को सिंडीकेट ने मंजूरी देनी थी। कहीं न कहीं मौजूदा सिंडिकेट ने अपने सिर का बोझ अगली सिंडीकेट पर डाल दिया। क्योंकि यह मौजूदा सिंडीकेट की आखिरी बैठक थी और नई सिंडीकेट का कार्यकाल एक जनवरी से शुरू होगा।
पूर्व मुख्य एग्जामिनर पर बैन
2016 में पीयू की बीए भूगोल शास्त्र की पेपर चेकिंग में हुई गड़बड़ी का जिम्मेदार मानते हुए पूर्व मुख्य एग्जामिनर केपीएस शांते पर बैन लगा दिया गया। हालांकि ,वे रिटायर हो चुकेहैं। उनकेखिलाफ शिकायत की जांच केलिए कमेटी ने उन्हें दोषी पाया था और सिंडीकेट को इस रिपोर्ट पर फैसला लेना था।
उनके कार्यकाल में भूगोल शास्त्र केपांचवें सेमेस्टर के पेपर में प्राइवेसी लीक हुई थी। आंसर शीट की सील तोड़कर करीब 200 छात्रों का नंबर ब्योरा कॉपी कर लिया गया था। इसके चलते एक शिकायत पीयू प्रबंधन को मिली थी।