पंजाब विश्वविद्यालय नेशनल अस्सिमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल (नैक) के मानकों पर अब खरा उतरने के लिए तैयार है। हर बिंदू पर पीयू ने बेहतर ढंग से कार्य किया है। बोर्ड व चॉक प्रणाली कक्षाओं में पढ़ाने के लिए बनी है। लेकिन पूरे पीयू कैंपस को वाई-फाई फ्री कर दिया है। हर जगह नेटवर्क है, जिसके जरिये विद्यार्थी खुद ही नेट पर पढ़ाई कर रहे हैं।
आईक्यूएसी ने वाइस चांसलर को पत्र लिखा है। बताया है कि नैक की ओर से जो रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी, उसके अधिकांश मानक पूरे हो गए हैं। च्वाइस बेस क्रेडिट सिस्टम की पूर्ति 50 फीसद हो पाई है। इसके अलावा स्टाफ की कमी है। इस पर और गौर करने की जरूरत है। मार्च 2015 में नैक की टीम पीयू पहुंची थी।
उन्होंने पाया था कि यहां विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों की संख्या पर्याप्त न होने, संकाय की कमी, बोर्ड-चॉक विधि का शिक्षण केलिए चलन, सीबीसीएस विधि चलने, अपर्याप्त तकनीकी स्टाफ, कम प्लेसमेंट समेत कई बिंदुओं को पीयू को बताया। कई कमियां सामने आने केबाद नैक ने इनकी पूर्ति केलिए पीयू को वर्ष 2022 तक का समय दिया है। इन तीन वर्षों में पीयू ने बेहतर कार्य कर अधिकांश मानकों की पूर्ति की है। बाकी कार्य एक से दो साल में पूरे करने की दावे किए जा रहे हैं। मालूम हो कि नैक की टीम ग्रेडिंग जारी करती है, उसी पर रैंकिंग भी जारी होती है।
नैक की ओर से जो रिपोर्ट दी गई थी उसके अधिकांश बिंदुओं पर बेहतर काम किया गया है। कुछ बिंदुओं पर काम चल रहा है। इसकी रिपोर्ट वीसी को भेजी गई है। नैक 2022 में पीयू का दौरा करेगी लेकिन पीयू अभी सभी बिंदुओं पर खरा उतरने के लिए तैयार है।
- एम राजीव लोचन, निदेशक, आईक्यूएसी पीयू