पंजाब यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने वाले छात्र खुद से प्रमाणित प्रमाण पत्र दे सकेंगे। लेकिन अगर कुछ गलती हुई तो कार्रवाई भुगतनी होगी। अब अलग-अलग श्रेणी में आरक्षित छात्रों को प्रमाण पत्र के लिए भटकने की जरूरत नहीं है। साथ ही इसमें शर्त है कि पीयू छात्र की तरफ से प्रमाणित पत्र को मान तो लेगा, लेकिन जांच कराने पर झूठा पाया गया तो दाखिला रद्द होने के साथ ही कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। पंजाब यूनिवर्सिटी की दाखिला प्रक्रिया ऑनलाइन चल रही है। ऑनलाइन दाखिले में अगर किसी को दिक्कत आ रही है, तो पीयू में हेल्प सेंटर बनाए गए हैं। पीयू के कंप्यूटर सेंटर के अलावा सिंगल विंडो इंक्वायरी पर मदद ली जा सकती है। इसके अलावा पीयू की एडमिशन हैंड बुक को अधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड भी किया जा सकता है।
क्या है पीयू की हैंडबुक में
- सभी यूजी, पीजी, डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा का ब्यौरा एक ही हैंड बुक में
- सभी तरह के प्रमाण पत्र, उससे संबंधित हिदायतें भी हैंड बुक में शामिल
- एडमिशन, कक्षा कब से शुरू होनी हैं, कब-कब क्या सूची जारी होगी, इसे भी शामिल किया गया
- सभी कोर्स का फीस स्ट्रक्चर और उसमें सीट का ब्यौरा
एडमिशन प्रक्रिया की जरूरी जानकारी
- ऑन लाइन आवेदन की आखिरी तारिख- सात जुलाई
- ऑन लाइन फार्म में गलती सुधार- 13 जुलाई तक
- बगैर लेट फीस के सामान्य दाखिला- 16 से 28 जुलाई तक
- चेयरपर्सन की इजाजद से लेट फीस के साथ दाखिला- 30 जुलाई से 13 अगस्त तक
- वीसी की इजाजत से लेट फीस के साथ दाखिला- 14 अगस्त से 31 अगस्त तक
एक कोर्स में ऑनलाइन आवेदन की फीस- 300 रुपये
दो कोर्स में ऑनलाइन आवेदन की फीस- 400 रुपये
तीन कोर्स में ऑनलाइन आवेदन की फीस- 500 रुपये
चार कोर्स में ऑनलाइन आवेदन की फीस- 600 रुपये
पीयू की एडमिशन हेल्पलाइन पर हो रहा असमंजस
पंजाब यूनिवर्सिटी में नए सेशन के दाखिलों का दौर चल रहा है और ऐसे में हेल्पलाइन नंबर पर तरह-तरह की कॉल आ रही हैं। हेल्पलाइन के अलावा भी इंटरनेट से पीयू का जो भी नंबर छात्रों को मिलता है, उस पर फोन कर जानकारी मांगी जा रही है। जबकि एडमिशन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। सबसे ज्यादा गफलत चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी और पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के नाम को लेकर हो रही है। कुछ ऐसे फोन आते हैं, जो चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में बात करना चाहते हैं। ऐसे में उन्हें समझाया जाता है कि यह चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी नहीं है बल्कि पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी एक निजी संस्थान है और इसको लेकर कुछ दिन पहले एडवोकेट अजय जग्गा ने एडवाइजार को भी शिकायत की थी। जिसमें कहा गया था कि नाम की वजह से बाहरी छात्रों में असमंजस रहता है।