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योग्यता सर्वेक्षण कराने वाला पहला राज्या बनेगा पंजाब, 26 लाख विद्यार्थी देंगे टेस्ट, जानिए मामला

Mon, 24 Aug 2020 11:13 AM IST
खुशबू गोयल नवनीत छिब्बर, मोहाली(पंजाब)
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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नेशनल एबिलिटी सर्वे की तर्ज पर पंजाब एबिलिटी सर्वे होगा। पंजाब देश का पहला राज्य है जो यह टेस्ट करवा रहा है। खास बात यह है कि इसमें राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में पहली से 12वीं तक पढ़ने वाले करीब 26 लाख विद्यार्थियों को शामिल किया जा रहा है। पंजाब ने यह कदम एनएएस में पंजाब के खराब प्रदर्शन के चलते उठाया है। ताकि राज्य में शिक्षा के स्तर को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाया जा सके। सोमवार को पीएएस का पहला टेस्ट होने जा रहा है।
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एनसीईआरटी देश में नेशनल एबिजिटी सर्वे करवाती है। यह सर्वे सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर व राज्यों के प्रदर्शन को निर्धारित करता है। पिछले एनएएस में पंजाब का प्रदर्शन काफी खराब रहा था। स्कूली शिक्षा में पंजाब के खराब प्रदर्शन के चलते राज्य सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। इस पर पंजाब सरकार व राज्य के शिक्षा मंत्री को समाने आकर सफाई भी देनी पड़ी थी। देश भर में पंजाब के शिक्षा स्तर की किरकिरी होने के बाद अब राज्य सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए पूरे राज्य में पंजाब एबिलिटी सर्वे करवाने का फैसला लिया है।

राज्य के 19166 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 25 लाख 96 हजार 281 विद्यार्थी इसका हिस्सा बनेंगे। 24 अगस्त को पीएएस का पहला मॉक टेस्ट होने जा रहा है। जो एनएएस पैटर्न पर आधारित एक ऑनलाइन क्विज टेस्ट होगा। टेस्ट में विज्ञान, गणित, एसएसटी, पंजाबी, हिंदी व अंग्रेजी के 5-5 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके बाद 16 सितंबर को पहला व 21 अक्टूबर को दूसरा मॉक टेस्ट होगा। जबकि फाइनल टेस्ट 11 नवंबर को होगा। पंजाब पहला राज्य है जो अपने स्तर पर पंजाब एबिलिटी सर्वे करवाने जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी पंजाब एससीईआरटी को सौंपी गई है।
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क्या है एनएएस व पीएएस

एनसीईआरटी देश के सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में नेशनल एबिलिटी सर्वे करवाती है। इसमें हर राज्य के कुछ स्कूलों को चुना जाता है। वहां के विद्यार्थियों से हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, एसएसटी व राज्य की भाषा से संबंधित कुछ प्रश्न पूछे जाते हैं। इसका आधार यह जानना होता है कि विद्यार्थियों की विषय को समझने व अध्ययन की प्रक्रिया कैसी है। इसी के आधार पर एक राष्ट्रीय औसत तैयार होता है। इस औसत से ऊपर रहने वाले राज्यों में शिक्षा के स्तर को बेहतर माना जाता है। वहीं, राष्ट्रीय औसत से नीचे रहने वाले राज्यों की शिक्षा प्रणाली व अध्यापन में सुधार की गुंजाइश मानी जाती है।

सर्वे से पहले ही खुली पोल
पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में अपना राष्ट्रीय औसत सुधारना चाहता है। इसके लिए लंबी कवायद के बाद पंजाब एबिलिटी सर्वे करवाया जा रहा है। इस सर्वे के शुरू होने से पहले ही इसकी पोल खुलती नजर आ रही है। पहली कक्षा के लिए गणित का मॉडल टेस्ट पेपर तैयार किया गया है जिसका पहला ही सवाल गलत है। इस सवाल में सेबों की संख्या पूछी गई है, लेकिन दिखाए गए सेबों की संख्या वैक्लपिक उत्तर में है ही नहीं। इससे साफ है कि पंजाब नेशनल एबिलिटी सर्वे में क्यों पिछड़ा था। अब इस तरह के टेस्ट पेपर तैयार कर शिक्षा विभाग पंजाब की शिक्षा के राष्ट्रीय औसत को कैसे सुधार पाएगा।
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