सूत्र का कहना है कि पीयू फीस इसलिए माफ नहीं करना चाहता कि आगे भी ऐसी परंपरा बन जाएगी और फीस माफ की तो पीयू को बड़ा नुकसान होगा जबकि हॉस्टल किराये में छूट से पीयू के खजाने पर अधिक पैसे खर्च नहीं होंगे। बताया जाता है कि जुलाई व अगस्त माह के किराये में छूट देने की तैयारी है।
फाइनल ईयर वाले छात्र खाली करेंगे हॉस्टल
पीयू के हॉस्टलों में फाइनल ईयर के छात्र रह रहे हैं। यह छात्र परीक्षाएं होने के बाद हॉस्टल खाली कर देंगे। उसके बाद यह कमरे भी खाली ही रहेंगे। क्योंकि पढ़ाई अभी ऑनलाइन ही चलेगी। छात्रों को बुलाया नहीं जाएगा। ऐसे में छात्र हॉस्टल भी नहीं लेंगे और पीयू उन्हें आवंटित भी नहीं करेगा। फाइनल ईयर के छात्रों की संख्या लगभग 2000 है।
पड़ोसी राज्यों के छात्र अपने घर गए
पीयू के हॉस्टलों में रह रहे पड़ोसी राज्यों के अधिकांश छात्र अपने घर चले गए हैं। यह कई माह से हॉस्टलों में ही रह रहे थे। पीयू प्रशासन ने इन छात्रों को समझाया, उसके बाद वह घर गए। अभी हॉस्टल में लगभग 100 विद्यार्थी ही रह रहे हैं। यह दूरस्थ राज्यों के हैं, जिनको जाने में आसानी नहीं होगी। कुछ छात्र ऐसे भी हैं जो हॉस्टलों से अपना सामान ले गए।
किराये में छूट को लेकर कमेटी निर्णय लेगी। अभी कोई फाइनल निर्णय नहीं हुआ है। हॉस्टलों में रह रहे पड़ोसी राज्यों के छात्र अपने घर गए हैं। वहीं छात्र हॉस्टलों में रुके हैं जिनकी कुछ मजबूरियां हैं। - प्रो. एसके तोमर, डीएसडब्ल्यू