पंजाब यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन
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उन्नाव कांड को लेकर पूरे देश में प्रोटेस्ट हो रहे हैं। उसी कड़ी में पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के छात्र भी जुड़ गए हैं। वीरवार को बड़े बड़ी संख्या में स्टूडेंट सेंटर पर विभिन्न संगठनों के छात्र पहुंचे और उन्होंने प्रोटेस्ट किया। पीयू के शिक्षकों ने भी भागीदारी दी। इस दौरान स्टूडेंट्स ने एकसुर में कहा- ‘अब घरों में बेटियां कैद नहीं रहेंगी। वह खुले आसमान में सांस लेंगी।’ उन्होंने सरकार को चेताया कि वह जाग जाएं अन्यथा हर कोई सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा। इस दौरान छात्र छात्राओं ने खूब नारेबाजी की।
दोपहर करीब 1.00 बजे से पीयू स्टूडेंट सेंटर पर छात्र छात्राएं व शिक्षक जुटने लगे। शहर के लोगों ने इस प्रोटेस्ट में शामिल होकर अपना रोष जताया। विभिन्न छात्र संगठनों के नेता भी आए। शुरुआत छात्रों ने नारे से की। उसी के साथ सभी में आक्रोश पनप गया। सभी ने बारी बारी अपनी बात रखी। शिक्षकों ने कहा कि उन्नाव रेप कांड पीड़िता ने चिट्ठी के जरिये कोर्ट व जिम्मेदार अधिकारियों को बता दिया था कि उसे व उसके परिवार को खतरा है, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। लगातार लापरवाही बरती गई।
सरकारों ने विधायक को संरक्षण दिया और उसी के कारण आज पीड़िता का पूरा परिवार खत्म हो गया। सरकार बाहुबलियों को संरक्षण दे रही है। स्टूडेंट काउंसिल अध्यक्ष कनुप्रिया ने कहा कि बेटियों पर सबसे अधिक अत्याचार इसी सरकार में हुए हैं। लेकिन यह बेटियां घरों में कैद नहीं रहेंगी। यह आसमान में उड़ेंगी। संघर्ष करेंगी और मुंह तोड़ जवाब देंगी। उसके बाद छात्र नेताओं ने विचार रखे। कविताओं, नारों के जरिये सरकार पर प्रहार किए गए। प्रोटेस्ट चलता रहा और विद्यार्थियों की भीड़ बढ़ती गई। सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रोटेस्ट में हिस्सा लिया। शिक्षकों ने भी उन्नाव कांड को लेकर रोष जताया।