पालीटेक्निक के विद्यार्थियों को अब हर सेमेस्टर के बाद न तो डीएमसी (डिटेल मार्क्स कार्ड) के खो जाने की चिंता रहेगी और न ही उन्हें संभालने की। छात्रों की हर परीक्षा के बाद जारी डीएमसी अब एक खास पोर्टल नेशनल एकेडमी डिपोजिटरी (एनएडी) पर पूरी तरह से सेव रहेगी। छात्र कभी भी कहीं भी डीएमसी को पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे।
इसके अलावा खास बात यह कि इस योजना से फर्जी पालीटेक्निक डीएमसी बनाने का फर्जीवाड़ा भी थम जाएगा। क्योंकि रोजगार देने वाला इंप्लॉयर ऑनलाइन ही पालीटेक्निक पासआउट विद्यार्थियों के शैक्षणिक दस्तावेज इस पोर्टल पर ऑनलाइन ही चेक कर सकेंगे। हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग ने इसके लिए केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के अधीनस्थ सेंट्रल डिपोजिटरी सर्विस लिमिटेड नामक एजेंसी के साथ करार किया है।
नार्थ इंडिया में ऐसा करने वाला हरियाणा पहला राज्य
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की इस एजेंसी के साथ देशभर के 140 विश्वविद्यालयों ने करार कर रखा है, जिन्हें ये एजेंसी अपनी सेवाएं दे रही है। लेकिन नार्थ इंडिया में हरियाणा ऐसा पहला राज्य होगा जिसके तकनीकी शिक्षा विभाग ने अपनी सभी पालीटेक्निक संस्थान को इस एजेंसी की सेवाओं के दायरे में ला दिया है। पालीटेक्निक स्टूडेंट जैसे ही अपने सेमेस्टर की परीक्षा पूरी करेंगे, तभी तकनीकी शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी उसकी डीएमसी को ये एजेंसी पोर्टल पर अपलोड कर देगी।
हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग के महानिदेशक डा. आरएस ढिल्लो ने बताया कि, यह योजना विद्यार्थियों के लिए तो बहुत अच्छी है। बल्कि नौकरी देने वाली कंपनियों के लिए भी सुविधाजनक रहेगी, जिन्हें योग्य पासआउट स्टूडेंट को नौकरी देने से पहले उनके शैक्षणिक दस्तावेज की जांच की जरूरत होती है। छात्रों के डीएमसी की अपलोडिंग का काम शुरू कर दिया गया है।