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पीयू में 24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खोलने के मामले में नामचीन शख्सियतों ने रखी अपनी राय, कहते हैं...

Thu, 29 Nov 2018 05:16 PM IST
रूबी सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
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विरोध प्रदर्शन करती लड़कियां
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पंजाब यूनिवर्सिटी में 24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खोलने की मांग पर अड़ीं छात्राओं का धरना एक महीने से चल रहा है। इसे लेकर अब खूब राजनीति भी हो रही है। अलग अगल पार्टियों के नेता उनकी मांग का समर्थन करते हुए मंच साझा कर रहे हैं। लेकिन छात्राओं की यह मांग सिटी ब्यूटीफुल में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कितनी जायज है, इस पर शहर की नामचीन महिला शख्सियतों की राय अमर उजाला ने जानी। कुछ छात्राओं की आजादी की पक्षधर हैं तो कुछ ने सिक्योरिटी कारणों का हवाला देते हुए टाइम बाउंड फ्रीडम की बात कही। एक बात सबने मानी कि लड़कों और लड़कियों में भेद नहीं करना चाहिए। यदि पाबंदी सिर्फ लड़कियों पर है तो यह गलत है।
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आजादी चाहिए, तो पैरेंट्स से लिखवा लो: सांसद किरण खेर
सांसद किरण खेर ने कहा कि लड़कियों के पैरेंट्स से उनकी सुरक्षा को लेकर राय लेनी चाहिए। अगर पैरेंट्स को हॉस्टल में लड़कियों की 24 घंटे की आजादी से कोई समस्या नहीं है, तो अभिभावक यूनिवर्सिटी को लिखकर दें कि वे लड़कियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी ले रहे हैं। क्योंकि हर शिक्षण संस्थानों के नियम होते हैं।

लड़कों के लिए हॉस्टल समय तय होना चाहिए: अनीता सब्दीश
शहर की मशहूर थियेटर अदाकारा एवं सुचेतक रंगमंच मोहाली की निदेशिका अनीता सब्दीश ने कहा कि लड़कियों को समान हक मिलना चाहिए। फिर चाहे शिक्षा हो या अन्य क्षेत्र। पंजाब यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में लड़कियों की तरह लड़कों के आने जाने का समय भी तय होना चाहिए। रात में लड़कों पर भी पाबंदी लगाई जाए।
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लड़कों का समय भी सुनिश्चित हो: हरजिंदर कौर

चंडीगढ़ कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स की चेयरपर्सन हरजिंदर कौर ने कहा कि यह मांग सही नहीं है। लड़कियां हों या लड़के, शिक्षण संस्थानों में अनुशासन के तहत ही पढ़ाई होती है। रात के समय आजादी ही क्यों चाहिए। मेरे ख्याल से यदि पंजाब यूनिवर्सिटी में लड़कों के समय तय नहीं है तो हॉस्टल में लड़कों की समय सीमा भी तय की जानी चाहिए।

पढ़ने की आजादी तक तो सही, मगर घूमने की बात गलत: मीरा गौतम
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की पूर्व डीन मीरा गौतम का कहना है कि यदि आपको कैंपस तक पढ़ाई करने व किसी काम से कैंपस से हॉस्टल आने जाने की रात के समय आजादी चाहिए तो यह बात सही होगी। लेकिन रात के समय 24 घंटे की हॉस्टल से आजादी की मांग गलत है। यदि युवाओं को मांगें ही पूरी करनी हैं तो शहर में बढ़ रहे नशे के मामले, सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्था में प्रशासन एवं पुलिस व्यवस्था की मदद करनी चाहिए।

बेटियों पर विश्वास करो: सविता भट्टी
कॉमेडी किंग जसपाल भट्टी की पत्नी एवं अभिनेत्री सविता भट्टी ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन को छात्राओं की मांग को मानना चाहिए। बेटियों पर विश्वास करना चाहिए। क्योंकि बेटियों पर विश्वास करने से वे इसे कभी तोड़ेंगी नहीं। पीयू प्रशासन को छात्राओं से बातचीत करनी चाहिए। वे क्या चाहती हैं। मेरे ख्याल से इन पर विश्वास रखना चाहिए और यह मांग ट्रायल भी होनी चाहिए।
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छात्राओं की सुरक्षा के लिए पीयू में होनी चाहिए पुख्ता सुरक्षा: नीलम मान सिंह

मशहूर थियेटर निर्देशिका पद्मश्री नीलम मान सिंह ने कहा कि वे पढ़ाई कर रही थीं तो हॉस्टल में रात को कभी भी चाय पीने या पढ़ने निकल जाती थीं। छात्रा की तरह सोचूं तो कैंपस से बाहर जाने की आजादी मिलनी चाहिए। लेकिन बाहर निकलने के बाद उनकी सुरक्षा की बात पुख्ता कौन करेगा। हॉस्टल से बाहर इनकी सुरक्षा एवं लाइटिंग पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए।

यह आजादी देने की बात नहीं, उनकी सुरक्षा की है: रानी बलबीर कौर
मशहूर थियेटर आर्टिस्ट एवं नेशनल अवार्ड विजेता रानी बलबीर कौर ने कहा कि यहां महिला सशक्तिकरण की बात नहीं है और न ही आजादी की। पंजाब यूनिवर्सिटी के हॉस्टल से रात के समय बाहर जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा की बात है। इसलिए मेरे ख्याल से यह मांग सही नहीं है। लिहाजा यदि लड़कों के हॉस्टल का समय तय नहीं है तो इनके लिए भी समय सुनिश्चित करना चाहिए।
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