परीक्षा नियंत्रक विभाग ने डिग्रियों का डाटा तो ऑनलाइन कर दिया लेकिन यह डिग्रियां विद्यार्थियों को किस तरह मिलेंगी, यह साफ नहीं किया। उम्मीद थी कि कोरोना काल में पीएचडी की डिग्रियों के साथ परास्नातक की डिग्रियां भी विद्यार्थियों को घर बैठे ही मिल जाएंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उसका कारण ये रहा कि लॉगिन व पासवर्ड विद्यार्थियों को विभाग नहीं दिला पाया।
कॉलेजों व डाटा फीड करने वाली संस्था से संपर्क करके यह लॉगिन व पासवर्ड बनने थे। अब तक इस पर काम नहीं हो पाया और यह डिग्रियां ऑनलाइन ही फंसी हुई हैं। हालांकि मैनुअल का विकल्प खुला है लेकिन विद्यार्थियों को कहा जा रहा है कि कुछ दिन इंतजार करें डिग्रियां उन्हें ऑनलाइन ही मिल जाएंगी।
छात्र बोले- आश्वासन से चलाया जा रहा है काम
एमएससी के विद्यार्थी रोहित शर्मा पीयू पहुंचे थे। कहते हैं कि वर्ष 2018 में पासआउट हुए थे लेकिन डिग्री नहीं मिली। पीयू कहती है कि ऑनलाइन मिलेगी, यहां आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कई बार ऐसा आश्वासन दिया जा चुका है लेकिन बात नहीं बनी।
यही बात एमए के विद्यार्थी सुरेश सिंह और ओमप्रताप सिंह कहते हैं। उनका कहना है कि डिग्रियां ऑनलाइन बहुत पहले से हो रही हैं लेकिन पीयू दे नहीं पा रही है जबकि कोई बड़ा कार्य भी नहीं है। अब पीयू परीक्षा की तैयारी में जुटी, उसके बाद रिजल्ट में व्यस्त हो जाएगी और डिग्रियां यूं ही फंसी रहेंगी। इसके लिए अधिकारियों को काम करना होगा।
लगभग 30 हजार पीजी के विद्यार्थियों की डिग्रियां ऑनलाइन हो गई हैं। जल्द ही विद्यार्थियों को लॉगिन व पासवर्ड दिलाएंगे। जहां दिक्कतें आ रही हैं उनका समाधान करवाएंगे। - प्रो. जगत भूषण, परीक्षा नियंत्रक।