पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) छात्र काउंसिल चुनाव सितंबर के दूसरे सप्ताह में संभावित है। छात्र नेताओं ने वोट बैंक मजबूत करना शुरू कर दिया है। साथ ही परिसर में प्रचार और धरनों का दौर भी शुरू हो चुका है। अभी तक चुप बैठे छात्र नेताओं ने अधिक वोट वाले विभाग के विद्यार्थियों की मांगों को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं।
छात्र नेता ऐसे विभागों की समस्याओं को लेकर जमकर नारेबाजी करने लगे हैं , जिन विभागों में वोटर की संख्या सबसे अधिक है। पीयू के यूआईईटी विभाग में 3000, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज में 750 से 800, तीन वर्षीय लॉ में 700, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल इंजीनियरिंग(यूआईसीईटी) में 650 और बीडीएस 300 वोटर शामिल हैं
सोमवार सुबह एक छात्र संगठन ने यूआईईटी विद्यार्थियों को स्पेशल चांस दिलाने के लिए नारेबाजी शुरू कर दी।
करीब 3000 से अधिक वोट बैंक वाले इस विभाग पर सभी छात्र संगठनों की नजर है। यूआईईटी के वोट ही पीयू छात्र संगठन की जीत और हार का फैसला करते हैं। एक दूसरे के विरोध में खड़े होने वाली अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्(एबीवीपी) नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया(एनएसयूआई) और स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया(सोई) ने मिलकर यूआईईटी विद्यार्थियों की मांगों को लेकर एक साथ धरना और नारेबाजी की।
उधर दोपहर बाद इन छात्र संगठनों ने पीयू के लॉ विभाग( पांच वर्षीय) यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज(यूआईएलएस) के बाहर भी मिड सेमेस्टर परीक्षा लेने के मुद्दे को लेकर नारेबाजी की। यहां पर भी पीयू के बड़े छात्र संगठन वोट बैंक का माइलेज लेने के लिए एक साथ नारेबाजी में शामिल हो गए।