पंजाब यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों को डीएमसी लेने के लिए विभागों के चक्कर नहीं काटने पडे़ंगे। हर विभाग में अब विद्यार्थियों को डीएमसी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इसके लिए विभाग वेबसाइट बनाएंगे। इसमें हर विद्यार्थी को उनका अलग यूजर आईडी और पासवर्ड मिलेगा। इसमें विद्यार्थी अपनी डीएमसी के साथ कक्षा हाजिरी, एग्जान शेड्यूल इत्यादि देख पाएगा।
परीक्षा के दो महीने बाद विद्यार्थियों को डिजिटल डीएमसी मिल जाएगी। एनएसयूआई अध्यक्ष निखिल नर्मेता ने बताया कि उनके विभाग यूआईईटी में विद्यार्थियों को ऑनलाइन डीएमसी मिलती है, लेकिन आर्ट्स और साइंसेज में विद्यार्थियों को अपनी डीएमसी के लिए एक से डेढ़ साल तक का इंतजार करना पड़ता है। उसके बाद भी उन्हें डीएमसी लेने के लिए विभागों के चक्कर काटने पड़ते थे।
विद्यार्थियों की मांग के बाद उन्होंने डीयूआई को पत्र लिखा था कि विद्यार्थियों को ऑनलाइन डीएमसी मुहैया करवाई जाए, जिससे रिजल्ट को लेकर उन्हें परेशानी ना हो। इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने फैसला लिया है कि यूआईईटी की तर्ज पर आर्ट्स और साइंसेज विभाग में भी डीएमसी ऑनलाइन अपलोड की जाएगी। इसके साथ ही विद्यार्थी हर रोज वेबसाइट पर अपने हाजिरी भी चेक कर सकेंगे। इसके लिए पहले विद्यार्थियों को हर प्रोफेसर के पास जाना पड़ता था।
विभागों में ऑनलाइन डीएमसी के लिए हम बैठकें कर रहे हैं। अगले सेमेस्टर से हर विभाग के विद्यार्थियों को डिजिटल डीएमसी मिलेगी।
- प्रो. शंकरजी झा, डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शंस, पीयू