यूजीसी नेट एग्जाम के सिलेबस में बदलाव किया गया है। अब सिलेबस में एक नया चैप्टर शामिल हो गया है। ऐसे में अब देश भर के विश्वविद्यालयों में योग की जानकारी के साथ-साथ अब विद्यार्थियों को गीता का ज्ञान भी आत्मसात करना होगा। यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) ने अब उच्च शिक्षा में भी योग के माध्यम से गीता का समावेश कर दिया है।
यूजीसी की तरफ से योग का पाठ्यक्रम तैयार कर लिया गया है, जिसमें पहली बार श्रीमद्भागवत गीता को शामिल किया गया है। दरअसल, यूजीसी की तरफ से नेट (नेशनल एलिजबिलिटी टेस्ट) के लिए योग का सिलेबस जारी किया है। पाठ्यक्रम में यूजीसी ने 10 अध्याय शामिल किए हैं। इन्हीं के अंदर श्रीमद्भागवत गीता को जोड़ा गया है।
योग का यह पाठ्यक्रम लागू होने के बाद यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि अब नेट के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को एमए में योग की जानकारी के साथ-साथ गीता का ज्ञान भी अनिवार्य होगा। तभी वह नेट के आवेदन के लिए योग्य माने जाएंगे।
खास बात यह है कि यूजीसी ने पहली बार उच्च शिक्षा में श्रीमद्भागवत गीता का समावेश किया है। बता दें, कि प्रदेश की स्कूली शिक्षा में श्रीमद्भागवत गीता को शामिल करने की काफी समय पहले सरकार घोषणा कर चुकी है।
सिलेबस में यह हैं 10 अध्याय
पहले 18 जुलाई को लगनी थी मेरिट, लेकिन अब 27 को होगी जारी
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