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इस राज्य में बदल गए MCA में एडमिशन के नियम, स्टूडेंट्स के लिए फायदेमंद है

Tue, 04 Apr 2017 04:46 PM IST
विनीत तोमर/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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परीक्ष्‍ाा, स्‍टूूडेंट्स - फोटो : amar ujala
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शैक्षणिक सत्र 2015-16 में एमटेक में प्रवेश की प्रक्रिया बदलने के बाद सरकार ने एमसीए के एडमिशन को लेकर भी बड़ा बदलाव किया है। अभी तक छात्रों को सेंट्रलाइज सिस्टम के तहत प्रवेश लेना पड़ता था, लेकिन नये शैक्षणिक सत्र से सरकार ने एडमिशन के लिए यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के हाथों में कमान दे दी है। संस्थान अपने तरीके से विद्यार्थियों को प्रवेश दे सकता है।
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दरअसल, अभी तक एमसीए के तीन वर्षीय प्रोग्राम के लिए सेंट्रलाइज सिस्टम के तहत एडमिशन होते थे। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद सरकार अपने स्तर पर छात्रों का ऑनलाइन एंट्रेंस टेस्ट लेती थी, जिसके बाद मेरिट के आधार पर उनका एडमिशन होता था। इससे छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इसे देखते हुए सरकार ने एमसीए की एडमिशन प्रक्रिया को बदल दिया है।

अब जिन संस्थानों में एमसीए तीन वर्षीय प्रोग्राम संचालित है वह अपने तरीके से एडमिशन कर सकते हैं। यूनिवर्सिटी से लेकर कॉलेजों तक को इसकी छूट दी गई है। इस बार एडमिशन में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। एडमिशन की कमान हाथ में आने के बाद एमडीयू (महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी) ने छात्रों को बड़ी राहत दी है।
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यूनिवर्सिटी ने खत्म किया एंट्रेंस एग्जाम

परीक्ष्‍ाा, स्‍टूूडेंट्स
यूनिवर्सिटी ने एडमिशन के लिए दिए जाने वाला ऐंट्रेंस एग्जाम ही खत्म कर दिया। एमडीयू में एडमिशन के लिए छात्र आवेदन करेगा, जिसके बाद उसकी एकेडमिक मेरिट के आधार पर एडमिशन दिया जाएगा। इस नये सिस्टम के शुरू होने से छात्रों को काफी फायदा होगा। वह न केवल सेंट्रलाइज एडमिशन के झंझट से बचेंगे, बल्कि सीधे संस्थान में जाकर आवेदन कर सकते हैं।

शैक्षणिक सत्र 2015-16 में बदली थी एमटेक की प्रक्रिया
इससे पहले सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2015-16 के शुरुआत में ही एमटेक के एडमिशन में सेंट्रलाइज सिस्टम को खत्म किया था। एमटेक में भी पहले सेंट्रलाइज सिस्टम था, जिसके तहत छात्रों को काउंसिलिंग आदि के झंझटों से गुजरना पड़ता था। एमटेक में भी संस्थानों को एडमिशन की खुद जिम्मेदारी दे दी गई थी।

पहले एमसीए के तीन वर्षीय प्रोग्राम के लिए सेंट्रलाइज सिस्टम के तहत एडमिशन होते थे, लेकिन इस बार संस्थान अपने तरीके से एडमिशन कर सकते हैं। एमडीयू में ऐंट्रेंस एग्जाम खत्म कर दिया गया है।
- प्रो. नसीब सिंह गिल, विभागाध्यक्ष कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन एमडीयू
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