सरकार ने विश्वविद्यालयों की डिग्री, डिप्लोमा व मार्कशीट के फर्जीवाडे पर अंकुश लगाने की योजना बनाई है। इसके तहत ये दस्तावेज ऑन लाइन लॉक करने की तैयारी है। उम्मीदवार या कोई दूसरा व्यक्ति इन दस्तावेजों से छेड़छाड़ नहीं कर सकेगा। उसका रिकॉर्ड आधार नंबर से लिंक किया जाएगा। नौकरी या अन्य कार्यों के लिए डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन में भी 10 दिन तक इंतजार नहीं करना होगा। यह काम एजेंसी खुद ऑन लाइन तुरंत कर सकेगी।
यह है योजना
भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने डिग्री, डिप्लोमा व मार्कशीटों में होने वाला फर्जीवाडा रोकने व पारदर्शिता लाने के लिए योजना बनाई है। इसके तहत देश के सभी विश्वविद्यालयों को इसके लिए यूजीसी के नेशनल एकेडमिक डिजोजटरी (एनएडी) के लिंक पर अपना डाटा अपलोड करना है। विवि से डिग्री या डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थी की मार्कशीट व अन्य सभी जानकारी एक जगह उपलब्ध रहेगी।
आज साइन होगा एमओयू
भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) की नेशनल एकेडमिक डिजोजटरी (एनएडी) परियोजना के क्रियान्वयन के लिए महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) व सीवीएल (सीडीएसएल वेंचर्स लिमिटेड) के बीच 22 अप्रैल को एमओयू होगा। विवि कुलपति कार्यालय में सुबह 11 बजे होने वाले इस एमओयू की तैयारी कर ली गई है। इसके लिए सभी जरूरी दस्तावेज व औपचारिकताएं शुक्रवार को निभाई जाएंगी।
एक ही नंबर से दो डिग्री पर लगेगा अंकुश
नई व्यवस्था से फर्जीवाडे पर अंकुश लगेगा। एक ही नंबर से दो डिग्री रखने वाले तुरंत पकड़े जाएंगे। यही नहीं दूसरे के नाम से डिग्री बनाकर नौकरी पाना या उस डिग्री को इस्तेमाल करना नामुमकिन होगा। नौकरी देने से पहले की संबंधित एजेंसी एनएडी की वेबसाइट पर ऑन लाइन डिग्री की सत्यता जांच सकेगी। डिग्री धारक का पूरा ब्यौरा माउस की एक क्लिक पर स्क्रीन पर होगा।
उम्मीदवार को बनानी होगी एनएडी आईडी
एनएडी (नेशनल एकेडमिक डिजोजटरी) पर अपलोड विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का डाटा पूरी तरह सेफ होने का दावा किया गया है। इसे यूज करने के लिए उम्मीदवार को एनडी आईडी बनानी होगी। आधार कार्ड से इसे लिंक करने पर ओटीपी जारी किया जाएगा। इसके बाद उम्मीदवार अपने दस्तावेज देख सकेगा। वह खुद भी इस रिकॉर्ड से छेड़छाड़ नहीं कर सकेगा। दस्तावेज गुम होने पर वह उसकी प्रति डाउनडाउन कर सकेगा। यह दस्तावेज डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त मिलेगा।
एमडीयू शुक्रवार सुबह एनएडी से एमओयू करने जा रहा है। इसके तहत विवि से डिग्री, डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों का रिकॉर्ड ऑन लाइन किया जाएगा। फिलहाल पीजी का रिकॉर्ड अपलोड किया जाएगा। इसके बाद यूजी कोर्स का रिकार्ड भी एनएडी की बेबसाइट पर डाला जाएगा। यहां रिकार्ड पूरी तरह सेफ रहेगा। दूसरा कोई व्यक्ति ही नहीं, खुद उम्मीदवरा की रिकार्ड से छेडछाड नहीं कर सकेगा। इससे वेरिफिकेशन सरीखे काम आसामन होंगे। एजेंसी निर्धारित किए जाने वाला शुल्क देकर तुरंत अपने नए कर्मचारी की शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज जांच सकेगी। इसके लिए उम्मीदवार को रिक्वेस्ट जनरेट करनी होगी।
- डॉ. बीएस संधू, परीक्षा नियंत्रक, एमडीयू