हरियाणा सरकार प्रदेश के सरकारी विभागों में खाली पड़े सी व डी वर्ग के पचास हजार पदों को अनुबंध आधार पर भरेगी। प्रशासनिक कार्यों को प्रगति प्रदान करने के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया है।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों पर कर्मचारियों की भर्ती का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इस प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाया जाएगा। इसके बाद सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी नहीं रहेगी। लोगों के कार्य तेजी से होंगे।
विज ने कहा कि वे हमेशा से ही आउटसोर्सिंग पॉलिसी को बंद करने की पैरवी करते रहे हैं। पूर्व सरकारों ने इस दिशा में कभी सकारात्मक पहल नहीं की।
कर्मचारियों की भर्ती का प्रारूप तैयार कर रही सरकार
डेमो पिक
भाजपा सरकार ने अब ठेकेदारों की बजाय नियमित भर्ती होने तक कर्मचारियों को सीधे विभागों से अनुबंध आधार पर रखने का निर्णय लिया है। इससे ठेकेदारी प्रथा पर विराम लगेगा।
उन्होंने कहा कि आउटसोसिंग पॉलिसी में ठेकेदार कर्मचारियों का शोषण करते हैं। इससे सरकार की छवि पर प्रतिकूल असर पड़ता है। जहां पर नियमित भर्ती की गुंजाइश होगी, वहां सीधे भर्ती होगी।
विज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के समान काम-समान वेतन के फैसले का सरकार पालन करेगी। उसका अध्ययन किया जा रहा है। विभागों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ का आकलन कर रहे हैं।
एनएचएम अनुबंध कर्मियों की नई वेतन दरें होंगी तय
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज
- फोटो : फाइल फोटो
हरियाणा के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में अनुबंध पर कार्यरत कर्मियों के वेतन की दरें नए सिरे से निर्धारित करने की प्रक्रिया सरकार ने शुरू कर दी है। इनका वेतन समान काम-समान वेतन नीति के तहत तय किया जाएगा।
वेतन निर्धारण में विशेष तौर पर कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता, कैडर, टीओर, सेवाकाल और सातवें वेतन आयोग की दरें ध्यान में रखी जाएंगी। एनएचएम के मिशन निदेशक डॉ. साकेत कुमार ने इसके लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है।
एनएचएम के उपनिदेशक प्रशासन समिति के चेयरमैन बनाए गए हैं, जबकि लेखा अधिकारी, कंसल्टेंट प्लानिंग व बजट एवं प्लानिंग अधिकारी को सदस्य बनाया गया है।
इसके अलावा एनएचएम के अधीक्षक सदस्य सचिव बनाए गए हैं। मिशन निदेशक ने समिति को छह दिसंबर तक अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। इसके आधार पर ही वेतन बढ़ोतरी का निर्णय लिया जाएगा।