24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खोले जाने को लेकर चल रहे प्रोटेस्ट को शांत करने केलिए पीयू प्रशासन ने यह मुद्दा पीयू सिंडिकेट की बैठक में उठा दिया, लेकिन यह उन्हीं के गले पड़ गया। सभी सिंडिकेटसदस्यों ने पीयू प्रशासन को घेर लिया। उन्होंने कहा कि आखिर बिना सिंडिकेट की अनुमति के कैसे हॉस्टल खोलने केसमय में बढ़ोतरी कर दी। इसको लेकर काफी देर तक माहौल गर्म रहा। छात्राओं के पीयू में चल रहे डे-नाइट प्रोटेस्ट में स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव पहुंचे। कई अन्य नेताओं के आने भी खबर पीयू प्रशासन को मिली तो उन्होंने इसे शांत करने के लिए सिंडिकेट की बैठक में मामला उठाया।
पीयू प्रशासन ने कहा कि सिंडिकेटर्स भी इस मामले पर पब्लिक स्टैंड रखें। इस पर कुछ सिंडिकेटर्स नाराज भी हो गए। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि जब पीयू प्रशासन ने बिना सिंडिकेट की मर्जी के ही हॉस्टल खोलने के समय में बढ़ोतरी कर दी तो अब क्यों पूछा जा रहा है। इसी बीच एक दूसरे सिंडिकेट सदस्य खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि प्रोस्पेक्ट्स में जो शर्तें लिखी हैं, उसी को देखकर स्टूडेंट्स ने एडमिशन लिए हैं तो फिर पीयू प्रशासन ने ऐसा निर्णय क्यों लिया? सदस्यों ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि ऐसे कोई भी निर्णय लिए जाएं तो सिंडिकेट की बैठक में लाए जाएं। बिना अनुमति कोई निर्णय न लिया जाए। सदस्यों ने कहा कि वीसी अपने स्तर से इस मामले को देखें।
पीयू के नाम रही यह उपलब्धियां, जताई खुशी
प्राणी शास्त्र विभाग के प्रो. सुखबीर कौर को पुरस्कार मिलने पर वीसी प्रो. राजकुमार ने खुशी जताई। प्रो. विजयता को 25 लाख का प्रोजेक्ट मिलने, प्रो. कश्मीर सिंह एसोसिएट प्रोफेसर, जैव प्रौद्योगिकी विभाग को आलू केजीनोम पर पौने दौ करोड़ का प्रोजेक्ट मिलने पर भी खुश जताई। बीए, बीकॉम एलएलबी ऑनर्स, यूएसओएल केतहत कानून में मास्टर डिग्री शुरू होने, डेटा एनालिटिक्स में पीजी डिप्लोमा शुरू करने, सामाजिक विज्ञान में रिसर्च पद्धति शुरू होने आदि पर हर्ष जताया। शिक्षा प्रबंधन में पीजी डिप्लोमा, फोटोग्राफी में पीजी डिप्लोमा, पीपुल्स मैनेजमेंट में एमबीए शुरू करने पर भी खुशी जाहिर की।
डीसीडीसी का दिया चार्ज
सिंडिकेट की बैठक में डीसीडीसी पद पर रहते हुए कंट्रोलर परमिंदर सिंह केबेहतर कार्यों की सराहना की गई। इस दौरान यह चार्ज प्रो. संजय कौशिक को दिया गया। उम्मीद जताई कि वह भी चलाई गई अच्छी मुहिम को आगे बढ़ाएंगे। इस दौरान पूर्व में हुई सिंडिकेट की बैठक के मुद्दों पर चर्चा हुई।
577 करोड़ के प्रस्ताव को हरी झंडी
बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक में पास हुए 577. 32 करोड़ केआगामी बजट को मंजूरी प्रदान की गई। साथ ही 36 सदस्यों के संकाय को असाइनमेंट में बदलाव को मंजूरी दी गई। इस दौरान आईएसईईआर केशीर्ष छात्रों को छात्रवृत्ति दिए जाने का प्रस्ताव भी पास हुआ। पीयू के लिए कुछ लोगों की ओर से दिए गए दान को भी स्वीकार किया गया। कन्वोकेशन केदौरान हर साल भूविज्ञान विभाग केएमएससी फाइनल ईयर के छात्र को सर्वोच्च सम्मान दिए जाने का प्रस्ताव भी पास हुआ। संकाय की बैठकों के लिए मार्च 2019 का समय तय किया गया। अध्ययन के विभिन्न बोर्डों के चुनावों को भी मंजूरी प्रदान की गई।
आरक्षण नीति पास
सिंडिकेट ने रोजगार केलिए आरक्षण नीति को मंजूरी दे दी है। यह पहली बार ऐसा हुआ है। इसे कई माह से तैयार किया जा रहा था, लेकिन प्रस्ताव पास नहीं हो पाया था। इसका लाभ एससी-एसटी के कर्मचारियों को मिलेगा। दिव्यांगों को भी इसका लाभ मिलेगा। शिक्षण पदों केलिए यूजीसी के रोस्टर प्रणाली का पालन किए जाने का आदेश दिया गया।
लाइब्रेरियन का मामला उठाया गया
सिंडिकेट सदस्य प्रभजीत सिंह ने कहा कि लाइब्रेरी में दोबारा रखे गए लोगों को डीए, डीपी का लाभ दिए जाने की बात सामने आ रही है। कहा कि इसका लाभ दस साल की सेवा पूरी कर चुके लोगों को दिया जाना चाहिए। इस दौरान प्रोबेशन वाले शिक्षकों के भी मामले रखे गए। उनके लिए लीगल राय लेने की बात कही गई। सदस्य रोनकी राम ने कहा कि सिक्योरिटी में लगे सुरक्षा गार्डों को वर्दी के अलावा बूट भी दिए जाएं। इसकेअलावा उनको ओवरटाइम भी दिया जाए। साथ ही विभागों के आसपास जमा होने वाले कूड़ा-कर्कट को उठवाने के लिए सभी विभाग चेयरमैन बैठक करें ताकि उसका निस्तारण हो सके।
समाजशास्त्र के रिसर्च सेंटर में शोध को मंजूरी
समाजशास्त्र केरिसर्च सेंटर में शोध को मंजूरी प्रदान की गई। साथ ही दूसरे प्रस्ताव पर कानूनी राय लिए जाने की बात कही गई। रिसर्च की व्यवस्था ईकोनॉमिक्स की तरह किए जाने का प्रस्ताव शामिल किया गया था।
सातवें वेतनमान को हरी झंडी
बोर्ड ऑफ फाइनेंस में शिक्षकों व कर्मचारियों को सातवां वेतन दिए जाने का प्रस्ताव फाइनल किया गया था, उस प्रस्ताव को सिंडिकट की बैठक में हरी झंडी दी गई। यह प्रस्ताव केंद्र सरकार के अलावा पंजाब सरकार को भी भेजा जाएगा।