पंजाब यूनिवर्सिटी में नियम बनाने की तो जल्दी रहती है, लेकिन उनका पालन कैसे होगा इस पर किसी का ध्यान नहीं है। यही कारण है कि फोर व्हीलर बैन अभियान की हवा निकल गई है। नो पार्किंग जोन में गाड़ियां ही गाड़ियां नजर आती हैं। फोर व्हीलर बैन की मांग कर रहे छात्रों में आक्रोश है। वह अब जल्द ही आंदोलन की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
ये थी योजना
दो साल पहले फोर व्हीलर बैन करके साइकिल को बढ़ावा देने की मांग पीयू परिसर में उठाई गई। छात्रों ने इसके लिए मांग पत्र भी दिए और प्रोटेस्ट भी किए। उसके बाद पॉलिसी बनाने के लिए कमेटी बनाई गई। प्रो. रोनकी राम की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने कई बेहतरीन निर्णय लिए और उसे वीसी को भेज दिया गया, लेकिन कमेटी की ओर से की गई सिफारिशें लागू नहीं हो पाईं और दूसरी कमेटी और बना दी गई। इस कमेटी ने नियम बनाए। मालूम हो कि पीयू में हर दिन लगभग तीन हजार वाहन खड़े होते हैं। पार्किंग पर्याप्त हैं लेकिन वहां तक वाहन नहीं पहुंच रहे हैं। जहां तहां गाड़ियां खड़ी कर दी जाती हैं।
ये थे नियम
- हॉस्टल नंबर एक से परेड ग्राउंड तक नो व्हीकल जोन घोषित होगा।
- इस इलाके में फोर व्हीलर किसी हाल में नहीं खड़े होने दिए जाएंगे।
- छात्र व वार्डन पहले 15 दिन चालकों को जागरूक करेंगे।
- 16वें दिन से वाहनों को खड़ा नहीं होने दिया जाएगा।
- जरूरत पड़ने पर फाइन आदि भी लगाए जाने की योजना बनी।
- समय समय पर पीयू प्रशासन की ओर से मॉनीटरिंग भी की जानी है।
अब यह हैं हालात
नियम बनाने के बाद जागरूकता के लिए कोई सामने नहीं आया। एक दिन डीएसडब्ल्यू वाहन चालकों को समझाते जरूर नजर आए, लेकिन बाद में कोई भी अधिकारी सामने नहीं आया। छात्रों की कोई कमेटी नहीं बनाई गई जो वाहनों को पार्किंग में खड़ी करवा सके। आज हॉस्टल नंबर- 1 से लेकर एडमिन ब्लॉक तक सड़क के दोनों साइड नो व्हीकल जोन में गाड़ियां ही गाड़ियां नजर आती हैं। लोगों का कहना है कि नियम बनने के बाद तो यहां अधिक वाहन खड़े होने लगे हैं।
क्या कहते हैं छात्र नेता
संगठन जल्द लेगा निर्णय
पीयू प्रशासन की ओर से फोर व्हीलर बैन को लेकर नियम तो बनाए गए, लेकिन उनका पालन किस तरह होगा, इस पर ध्यान नहीं दिया जाता। जल्द ही इसको लेकर संगठन निर्णय लेगा।
- कनुप्रिया, अध्यक्ष, पीयूसीएससी
नीयत साफ होनी जरूरी
फोर व्हीलर बैन किसी क्षेत्र में करना है तो पहले उसके लिए नीयत साफ होनी चाहिए। नियम हर किसी पर लागू हो और कार्रवाई हो, तब जाकर कुछ सफलता मिल सकती है।
- विजय कुमार, अध्यक्ष, आइसा
पीयू प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
वाहनों की संख्या परिसर में कम होनी चाहिए। लेकिन यहां तो नो व्हीकल जोन में ही वाहनों की लंबी लाइन लगती है। पीयू प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
- अनुज सिंह, अध्यक्ष, एनएसयूआई
जहां कमियां हैं सुधार हो
पीयू प्रशासन फोर व्हीलर बैन को लेकर जो योजना बना रहा है उसका पालन किया जाना चाहिए। जहां पर कमियां हैं वहां सुधार होना चाहिए।
- कुलदीप पंघाल, अध्यक्ष, एबीवीपी