लंबे समय से चल रहे डिग्री विवाद में अब एफडीडीआई (फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट) के छात्रों को बड़ी राहत मिली है। अब संस्थान अपने सभी छात्रों को डिग्री दे सकेगा। इसके लिए बुधवार को लोकसभा में आईएनआई (इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इंपारटेंस) का बिल पास कर दिया गया है। एफडीडीआई के 2012 से 2014 बैच के छात्रों की डिग्री को लेकर विवाद चल रहा था।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है। कोर्ट का अभी फैसला नहीं आया है, लेकिन इस बीच संस्थान की तरफ से मानव संसाधन विकास मंत्रालय में आवेदन किया गया था कि संस्थान को आईआईटी और आईआईएम की तर्ज पर आईएनआई का दर्जा दिया जाए। जिससे संस्थान अपने छात्रों को खुद डिग्री दे सके। इसके लिए लोकसभा में बिल पास होना था, जिसे बुधवार को मंजूरी दे दी गई।
हालांकि अभी औपचारिकता के लिए राज्यसभा में भी यह बिल जाएगा। इस बिल के पास होने के बाद छात्रों के साथ-साथ संस्थान को भी खुशी का माहौल है। गौरतलब है कि संस्थान की तरफ से मेवाड़ यूनिवर्सिटी से एमओयू किया गया था, जो मानक के अनुसार नहीं था। इसीलिए संस्थान इन बैच के छात्रों को डिग्री नहीं दे पा रहा था।
देशभर में एफडीडीआई के 12 सेंटर
एडमिशन
देशभर में एफडीडीआई के 12 सेंटर हैं, जो रोहतक, नोएडा, रायबरेली, कोलकाता, चेन्नई, पटना, हैदराबाद, गुजरात, जोधपुर और चंडीगढ़ में हैं। रोहतक स्थित सेंटर में फिलहाल फुटवियर और रिटेल में यूजी और पीजी कोर्स संचालित हैं।
छात्रों में खुशी का माहौल
लोकसभा में बिल पास होने के बाद एफडीडीआई छात्र संघ के अध्यक्ष संदीप प्रियदर्शी ने कहा कि लंबे समय से चल रहे विवाद का काफी हद तक निपटारा हो गया है। इसके लिए सभी छात्र बधाई के पात्र हैं। सभी छात्र इसका स्वागत करते हैं।
संस्थान को आईएनआई का दर्जा मिल गया है, जिसका बिल लोकसभा में पास हो गया है। इसके लिए काफी समय से प्रयास किया जा रहा था।
- डॉ. अतुल अस्थाना, सेंटर इंचार्ज रोहतक