पंजाब विश्वविद्यालय गर्मियों की छुट्टियां करेगा या नहीं, इस पर निर्णय नहीं लिया जा रहा था। अमर उजाला ने छात्रों के सुझावों को रखा तो पीयू प्रशासन जागा और बिना देरी किए शिक्षकों से इस पर सुझाव मांग लिए। उन्होंने पूछा है कि शिक्षक बताएं गर्मियों की छुट्टियां रद्द की जाएं या नहीं। क्योंकि छुट्टियों में शिक्षकों को पढ़ाना पड़ेगा।
गर्मियों की छुट्टियां कम करने को लेकर पीयू प्रशासन के अधिकारियों ने मार्च में बैठक की थी। उसके बाद इस पर विचार नहीं किया गया। लॉकडाउन उसके बाद लगातार बढ़ता गया। तीन मई तक लॉकडाउन चलने के कारण पीयू 43 दिन से लगातार बंद है। छात्र भी घरों में हैं तो शिक्षक भी। इसके बाद शिक्षकों ने ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी।
इसमें कुछ विद्यार्थी भाग ले रहे हैं तो कुछ नहीं। छात्रों को कोर्स पूरा करवाकर परीक्षा करवाने, रिजल्ट जारी करने, नए सेशन के एडमिशन के लिए चिंता सता रही है। अमर उजाला ने सभी छात्र नेताओं से बात की। उन्होंने बताया कि गर्मियों की छुट्टियां उन्हें नहीं चाहिए। पढ़ाई, एग्जाम की उन्हें चिंता है। जब सुझाव सामने आए तो पीयू प्रशासन ने प्रमुख शिक्षकों से इस पर सुझाव मांगे हैं।
सूत्रों का कहना है कि कुछ शिक्षक छुट्टियां खत्म करने के पक्ष में नहीं हैं। क्योंकि उन्हें विद्यार्थियों को पढ़ाना होगा। अन्य कार्य भी करने होंगे।