पंजाब विश्वविद्यालय इस बार हॉस्टलों में रह रहे आठ हजार स्टूडेंट्स को राहत दे सकता है। इसकी तैयारियां चल रही हैं। जून माह का किराया इन विद्यार्थियों का माफ किया जा सकता है। स्टूडेंट्स काउंसिल ने इसकी पहल की है। काउंसिल ने कहा है कि इस बार शैक्षिक सत्र जुलाई तक चलने के आसार हैं। फिलहाल, जून का किराया विद्यार्थियों से न लिया जाए। मई तक का किराया यह स्टूडेंट्स पहले ही जमा कर चुके हैं। स्टूडेंट काउंसिल के नेताओं को अधिकारियों की ओर से आश्वासन मिला है। पंजाब विश्वविद्यालय में 20 हॉस्टल हैं। इनमें लगभग आठ हजार छात्र-छात्राएं रहते हैं।
पीयू प्रशासन हर बार विद्यार्थियों से किराया हॉस्टल का एडवांस लेता है। शैक्षिक सत्र का अंतिम माह मई माना जाता है, इसलिए जनवरी माह में ही मई तक का किराया ले लिया जाता है। जो इस बार भी विद्यार्थियों से लिया गया। इसके बाद 22 मार्च से कोरोना के कारण लॉकडाउन लग गया और विद्यार्थी अपने घर पर चले गए, जो 14 अप्रैल तक हॉस्टलों में नहीं आ पाएंगे। ऐसे में 24 दिन विद्यार्थी हॉस्टलों में नहीं पहुंचेंगे। यदि लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाया गया तो इन विद्यार्थियों के कुल अवकाश 40 दिन के हो जाएंगे।
लॉकडाउन के कारण इस बार परीक्षाएं भी पीयू प्रशासन मई में आयोजित नहीं कर पाएगा। मई में परीक्षाएं होती थीं और जून में रिजल्ट जारी होते थे। जुलाई में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू होती थी, लेकिन इस बार लगभग एक माह सभी कार्यक्रम लेट होंगे। माना जा रहा है कि पीयू इस बार परीक्षाएं मई माह के आखिरी सप्ताह से लेकर जून माह तक करवाएगा। जरूरत पड़ी तो जुलाई में भी कुछ परीक्षाएं हो सकती हैं, लेकिन यह लॉकडाउन के खुलने पर निर्भर करेगा।
विद्यार्थियों को चिंता यह सता रही है कि जून में एग्जाम होंगे तो उन्हें हॉस्टलों में एक माह अतिरिक्त रहना होगा। मई तक का किराया तो वह दे चुके हैं, लेकिन जून का किराया पीयू प्रशासन ले सकता है। यह बात विद्यार्थियों ने स्टूडेंट काउंसिल के जरिये पीयू प्रशासन के पास पहुंचाई। इन नेताओं ने पीयू के अधिकारियों से बात की जहां उन्हें आश्वासन मिला है।