कोरोना के खौफ के बीच पंजाब विश्वविद्यालय से एक अच्छी खबर आई है। यहां के वैज्ञानिकों ने सैनेटाइजर तैयार किया है, जिसे पीयू कैंपस को मुफ्त में मुहैया करा दिया है। इतना ही नहीं, पीयू के वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर सरकार चाहे तो वह और सैनेटाइजर बनाने को तैयार हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें कच्चा माल उपलब्ध कराना पड़ेगा।
कोरोना वायरस जैसे ही चीन से दुनिया भर में फैल गया, उसी के साथ सैन्टाइजर व मास्क का संकट खड़ा हो गया। यहां तक कि कालाबाजारी शुरू हो गई। लोगों को सैन्टाइजर नहीं मिल रहे हैं। इसी को देखते हुए पीयू के रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. रोहित कुमार शर्मा ने विभाग अध्यक्ष प्रो. केएन सिंह के निर्देशन में सैनेटाइजर बनाने का निर्णय लिया और कच्चा माल जुटाया।
डब्ल्यूएचओ की गाइड लाइन देखी गई और बनाए गए सैनेटाइजर की पूरी प्रक्रिया को फॉलो किया गया। वैज्ञानिकों ने 25 किलो सैनेटाइजर तैयार किया और यह पीयू के सभी 78 विभागों, हॉस्टलों, मेस, कैंटीन आदि में भिजवाया। टीम ने पूरे पीयू को सुरक्षित किया। यह टीम अभी और सैनेटाइजर बनाएगी। इसके लिए कच्चा माल मंगवाया गया है।
डॉ. रोहित कुमार शर्मा ने बताया कि बाजार में सैनेटाइजर की कालाबाजारी हो रही है। लोगों को आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहा। मिल भी रहा है तो महंगे दामों पर। डॉ. शर्मा ने कहा कि सरकार चाहे तो उनकी मदद सैनेटाइजर बनाने में ले सकती है। इसके लिए कच्चा माल उपलब्ध कराना होगा। यदि ऐसा होता है तो लोगों को काफी राहत मिलेगी।