कोरोना वायरस के चलते देशभर में किए गए 21 दिन के लॉकडाउन से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो, इसके लिए पंजाब यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों के प्रिंसिपलों को विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए यूजीसी ने बीते बुधवार को पीयू को चिट्ठी लिखी थी। शुक्रवार को जब कॉलेज के विद्यार्थियों से बातचीत की तो उनका कहना था कि ऑनलाइन पढ़ाई में अभी तक खानापूर्ति ही हो रही है। बहुत कम प्रोफेसर्स ने अभी ऑनलाइन लेक्चर लेने शुरू किए हैं।
वहीं ऑनलाइन लेक्चर जूम एप्प के माध्यम से वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए लिए जा रहे हैं, जिसमें नेटवर्किंग की भी बहुत समस्या आ रही है। पीयू ने सबद्ध कॉलेजों को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग, मेल, गूगल क्लास इत्यादि का सहारा लेकर विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसमें कुछ कॉलेजों के कई शिक्षकों ने ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए लेक्चर लेने शुरू कर दिए हैं। लेक्चर लेने से पहले व्हाट्सएप ग्रुप पर शिक्षक सभी विद्यार्थियों के साथ समय डिसकस कर लेते हैं।
जिस समय पर सभी विद्यार्थी हामी भरते हैं दिन में उसी समय लगभग 45 मिनट का वीडियो के जरिये लेक्चर दिया जाता है। डीएवी कॉलेज के एमए पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के छात्र लक्षित ने बताया कि उनके ज्यादातर शिक्षकों ने ऑनलाइन लेक्चर लेने शुरू कर दिए हैं। क्लास से व्हाट्सएप्प ग्रुप में लेक्चर के समय पर सुबह ही चर्चा कर ली जाती है। उनके कोर्स का लगभग पाठ्यक्रम पहले ही पूरा हो चुका है। तीन दिन से उनकी ऑनलाइन क्लास लग रही है। आने वाले 10 दिन में उनके लगभग सभी विषयों का पाठ्यक्रम पूरा हो जाएगा।
लक्षित ने बताया वीडियो लेक्चर के दौरान नेटवर्किंग की समस्या आ रही है। कभी बीच में आवाज कट हो जाती है तो कभी पीछे की अनावश्यक आवाजें आती रहती है। वहीं कॉलेज के बीए के कुछ कोर्स के अभी ऑनलाइन लेक्चर शुरू नहीं हुए हैं। डीएवी के एमए अंग्रेजी के छात्र अरुण ने बताया उनके सोमवार से ऑनलाइन लेक्चर लगने शुरू होंगे। अभी तक शिक्षक ईमेल और व्हाट्सएप्प पर पीडीएफ के माध्यम से विद्यार्थियों को रीडिंग मैटीरियल भेज रहे हैं। वहीं एसडी कॉलेज के बीए के विद्यार्थी यतिन ने बताया कि उन्हें अभी तक ऑनलाइन पढ़ाई की कोई सूचना नहीं मिली है।
120 में सिर्फ आठ विद्यार्थियों ने लगाया लेक्चर
पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज-46 के बीकॉम के छात्र नितेश ने बताया कि उनकी आज पहली ऑनलाइन क्लास लगी थी। इसमें 120 में से सिर्फ आठ विद्यार्थियों ने ही लेक्चर लगाया। वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए लेक्चर में नेटवर्किंग की समस्या आ रही थी। उन्होंने बताया अभी उनका 40 प्रतिशत पाठ्यक्रम बाकी है, जिसको पूरा करने के लिए कम से कम एक-डेढ़ महीने का समय लगेगा। अन्य शिक्षक यूट्यूब वीडियो भेज कर खुद पढ़ने की सलाह दे रहे हैं। वहीं अन्य कोर्स के छात्रों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया अभी उनके लेक्चर लगने शुरू नहीं हुए हैं और ना ही उन्हें कोई सूचना दी गई है।