कोविड-19 को लेकर मार्च से कॉलेज बंद हैं। विद्यार्थियों को प्रमोट करने के बाद उनका अगला सेमेस्टर भी ऑनलाइन ही शुरू हो गया है। अमर उजाला से बातचीत में विद्यार्थियों ने बताया कि कॉलेज की तरफ से उन्हें नियमित कक्षाएं लगने या कॉलेज खोले जाने को लेकर कोई सूचना नहीं मिली है। वे चाहते हैं कॉलेज खोले जाएं, क्योंकि ऑनलाइन कक्षाओं में सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।
वहीं शहर के सरकारी कॉलेजों में तो ऑनलाइन कक्षाएं भी ढंग से नहीं लग रही हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के दूरदराज के इलाकों और जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थी नेटवर्क कनेक्टिविटी के कारण ऑनलाइन कक्षा नहीं लगा पा रहे हैं। शहर के कॉलेजों में हजार से ज्यादा विद्यार्थी जम्मू-कश्मीर के पढ़ रहे हैं। विद्यार्थियों ने बताया प्रोफेशनल कोर्स के विद्यार्थी लाखों में फीस देते हैं फिर वे ऑनलाइन के नाम पर शिक्षा से वंचित क्यों रहे।
ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर खानापूर्ति
कॉलेज ने सभी विद्यार्थियों की वेबसाइट पर अलग से पोर्टल बनाकर उन्हें आईडी पासवर्ड दिया है। इसी आईडी पर ऑनलाइन कक्षा का लिंक जारी किया जाता है। लेकिन विज्ञान के प्रेक्टिकल विषयों, परास्नातक और अतिंम वर्ष के विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना प्रेक्टिकल के ऑनलाइन संभव नहीं है। वहीं कई विषयों में ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर भी खानापूर्ति की जा रही है।
- लक्षित, एमए द्वितीय वर्ष, डीएवी कॉलेज -10
सरकारी कॉलेजों में नहीं के बराबर लग रही हैं ऑनलाइन कक्षाएं
सरकारी कॉलेजों में नहीं के बराबर ऑनलाइन कक्षाएं लग रही हैं। सरकार को कॉलेज खोल देने चाहिए। इससे विद्यार्थी कॉलेज आकर कक्षाएं लगा सकें और लाइब्रेरी इत्यादि का भी इस्तेमाल कर सकें। ऑनलाइन कक्षा में सिर्फ असाइनमेंट लिए जा रहे हैं। विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षाओं से संतुष्ट नहीं है। जब मॉल, सिनेमा, स्कूल खुल रहे हैं तो कॉलेज भी खोले जाएं।
- रूद्र राणा, पीजीजीसी-11, बीबीए अंतिम वर्ष
घर पर रहकर विद्यार्थियों में बढ़ रहा तनाव
इतने लंबे समय से घर पर बैठकर विद्यार्थियों में तनाव बढ़ रहा है। कुछ विषयों को छोड़कर ऑनलाइन कक्षा में खानापूर्ति ही की जाती है। कॉलेज में जाकर कक्षा का माहौल और प्रेक्टिकल शिक्षा ऑनलाइन प्लेटफार्म पर उपलब्ध करवाना संभव नहीं है। हम चाहते हैं कि नियमित कक्षाएं जल्द शुरू की जाएं। कॉलेज और पंजाब यूनिवर्सिटी की तरफ से अभी विद्यार्थियों से कॉलेज खोलने को लेकर फीडबैक भी नहीं मांगा गया है।
- ऋतिक, एसडी कॉलेज, बीए अंतिम वर्ष