सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर। बोर्ड ने पेपर के पैटर्न में बड़ा बदलावा किया है। इस बार परीक्षा में एक जैसे प्रश्नों वाले चार प्रश्न पत्रों के बजाय दो प्रश्नपत्र होंगे, जिनमें अलग-अलग प्रश्न होंगे। यह नकल रोकने के लिए किया गया है। सीबीएसई के चेयरमैन राजेश कुमार चतुर्वेदी के अनुसार इस को अभिभावकों व एजुकेशनल एक्सपर्ट के फीडबैक के आधार पर किया गया है।
अभी केवल साइंस स्ट्रीम में ही यह किया गया है। भविष्य में इसे अन्य स्ट्रीम्स पर भी लागू कर दिया जाएगा। एआइपीएमटी से सबक लेकर सीबीएसई ने यह किया है। सीबीएसई सूत्रों की मानें तो सेट की संख्या कम होने से अतिरिक्त प्रश्नपत्र पर होने वाले खर्च को कम किया जा सकेगा। दो अलग-अलग सेट देकर एक ही बेंच पर दो परीक्षार्थी परीक्षा दे पाएंगे। हालांकि एग्जामिनेशन हॉल में स्टूडेंट को बैठाने में भी सावधानी रखनी पड़ेगी।
नकल रोकने के लिए अच्छा प्रयास
इनोसेंट हार्ट्स स्कूल की प्रिंसिपल कम डायरेक्टर धीरज बनाती ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं में सिलेबस से दो अलग-अलग प्रश्नपत्र आने से नकल पर रोक लगेगी। पहले प्रश्नपत्र के सवाल नंबर आगे-पीछे होने से जहां विद्यार्थी इसे मैच कर लेते थे जोकि अब नहीं हो पाएगा।
अभी तक इस तरह आते थे पेपर
अब तक बोर्ड परीक्षा के लिए हर स्ट्रीम में प्रश्नपत्र चार सेटों में तैयार करता रहा है। चारों सेट के सवाल अभी तक एक ही होते थे। अंतर सिर्फ इतना होता था कि प्रश्नों के नंबर बदल दिए जाते थे। पहले जहां स्टूडेंट्स प्रश्नों की क्रम संख्या भिन्न होने पर भी नकल कर लिया करते थे। अब बोर्ड ने ऐसी संभावना ही नहीं छोड़ी है, क्योंकि दोनों प्रश्नपत्रों में प्रश्न अलग-अलग होंगे।