सीबीएसई ने जिले के करीब आधा दर्जन निजी स्कूलों का परीक्षा परिणाम रोक दिया है। इससे विद्यार्थियों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गईं हैं। कोई विद्यार्थी दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रवेश लेना चाहता तो कोई अन्य संस्थानों में, पर रिजल्ट नहीं आने से उनका भविष्य अधर में है। मामले में निजी स्कूल संचालकों ने जोन के क्षेत्रीय डायरेक्टर पर मनमानी का आरोप भी लगाया है। इसके साथ ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई है, जिस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी।
सूत्रों के मुताबिक बोर्ड ने प्रदेश के करीब 16 स्कूलों का 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम रोक लिया है। इसमें जिले के छह स्कूल भी शामिल हैं। बोर्ड के इस कदम से यहां पढ़े करीब ढाई हजार विद्यार्थी सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। एक ओर दिल्ली के कॉलेजों में स्नातक के लिए कट ऑफ लिस्ट जारी हो गई है। दूसरी ओर स्थानीय सरकारी और निजी कॉलेजों में 5 जून से दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो जाएंगे। ऐसे में विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों की भी धड़कने बढ़ गईं हैं।
परिणाम नहीं आया तो साल जाएगा खराब
काठमंडी निवासी सुभाष वर्मा ने बताया कि वे एक सप्ताह से स्कूल में अपने बेटे के परिणाम के लिए धक्के खा रहे हैं। स्कूल संचालक कहते हैं कि उन्हें अभी कुछ नहीं पता है। वे कोशिश कर रहे हैं कि बच्चों के परिणाम जल्दी से आ जाए। इस बारे में पंचकूला जोन के अधिकारी भी बात करने को तैयार नहीं हैं। बेटा सीए की कोचिंग ले रहा है। वहां तो कट ऑफ लिस्ट भी लग गई है, पर उन्हें गोलमोल जवाब मिल रहे हैं। अभिभावक हरबंस लाल ने बताया कि बाकी सभी स्कूलों के परिणाम आ गए हैं, पर उनके बच्चे के स्कूल का नहीं आया है। इस वजह से उनका बच्चा दिनरात परेशान रहता है। अब परिणाम के आधार पर ही उसके कॅरिअर के बारे में कुछ तय कर पाते, लेकिन अभी सब कुछ अधर में हैं।
परिणाम न आने से कुछ नहीं सोच पा रहे
विद्यार्थी सिद्धार्थ ने बताया कि बोर्ड परीक्षा का परिणाम नहीं आने से उनका भविष्य अधर में लटक गया है। कपिल ने कहा कि वह कुछ नहीं सोच पा रहे हैं कि आगे क्या करें। दीपांशु ने कहा कि परिणाम में देरी होने के बारे में जब स्कूल की पि्रंसिपल से बात करते हैं तो संतुष्टि जनक जवाब नहीं मिलता है। नैंसी ने कहा कि परीक्षा के समय उन्हें रोल नंबर मिलने के दौरान भी खासी परेशानी झेलनी पड़ी थी।
सोमवार तक परिणाम आने की संभावना
सेंट पॉल स्कूल के निदेशक कुलदीप सिंधु ने बताया कि उन्होंने पंचकूला जोन के डायरेक्टर से कई बार मिलने की कोशिश की है। बोर्ड ने परिणाम रोकने के कारण संबंधी कोई नोटिस नहीं भेजा है। अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में बच्चों के भविष्य को देखते हुए अर्जेंट केस डाल दिया है। जिस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी। परिणाम भी सोमवार तक आने की संभावना है। रोल नंबर देने के समय भी ऐसे ही परेशान किया गया था। इस पर सीबीएसई के चेयरमैन से भी मुलाकात की, पर उनके आदेश को डायरेक्टर ने नहीं माना और कोर्ट में केस करना पड़ा। स्कूल की मान्यता संबंधी कोई समस्या नहीं है, स्कूल तो मान्यता प्राप्त है।