प्राइवेट स्कूलों की फीस के लिए हो रही मनमानी जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को भवन विद्यालय ने सर्कुलर जारी कर परिजनों को तीन महीने की ट्यूशन फीस के साथ 9100 रुपए की एडमिशन फीस की मांग की। साथ ही 4600 रुपये प्रति माह के हिसाब से अप्रैल, मई और जून माह की ट्यूशन फीस भी मांगी है। उधर, शिक्षा निदेशक बराड़ ने कहा कि हम परिजनों की मदद करने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन की हाईकोर्ट में याचिका के बाद शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों को सिर्फ ट्यूशन फीस लेने की छूट दे दी थी।
साथ में निर्देश दिए थे कि अगर किसी परिजन के आर्थिक हालात खराब हैं तो स्कूल बच्चों को ऑनलाइन क्लास ने नहीं निकलेगा और ना ही स्टूडेंट का नाम स्कूल से काटा जाएगा। स्कूलों को इस सेशन में फीस नहीं बढ़ाने को लेकर भी कहा गया था। इसके बावजूद कुछ प्राइवेट स्कूलों ने फीस बढ़ाने के साथ ट्यूशन फीस में ही अन्य खर्चों को जोड़ कर परिजनों से वसूल किया है। इसके विरोध में पिछले एक हफ्ते से परिजन स्कूलों के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।
रवैया ऐसा ही रहा हो हाईकोर्ट में स्कूलों के खिलाफ डालेंगे याचिका: नितिन
चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन ने दो प्राइवेट स्कूलों को हाईकोर्ट के नाम पर फीस मांगने को लेकर लीगल नोटिस भी दिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट नितिन गोयल ने बताया कि अगर प्राइवेट स्कूलों का परिजनों के प्रति यही रवैया रहा तो हम इस हफ्ते हाईकोर्ट में स्कूलों के खिलाफ याचिका दायर करेंगे।