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पंजाब यूनिवर्सिटी वीसी ने निकाली सिंडिकेट की काट, प्रो. एसके तोमर को डीएसडब्ल्यू का चार्ज

Tue, 02 Jun 2020 02:51 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी के नए डीएसडब्ल्यू ने संभाला चार्ज - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. राजकुमार ने सिंडिकेट की काट के लिए मैथमेटिक्स विभाग के सीनियर प्रोफेसर एसके तोमर को डीएसडब्ल्यू का चार्ज दिया है। पूर्व डीएसडब्ल्यू इमैनुअल नाहर ने प्रोफेसर तोमर को कार्यभार सौंपा। इस मौके पर महिला डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर सुखबीर कौर भी उपस्थित थीं।
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सीनियर प्रोफेसर एसके तोमर की उपलब्धियां
- शिक्षण के क्षेत्र में 30 साल से अधिक का अनुभव
- वर्तमान में यूजीसी-एचआरडीसी के डायरेक्टर
- 2003 से लेकर 2005 तक ब्वॉयज हॉस्टल नंबर सात के वार्डन भी रहे
- सफल वार्डन के तौर पर उनके कार्यकाल की आज भी होती है प्रशंसा
- उनके रिसर्च ने देश दुनिया को एक अलग पहचान दी
- प्रो. तोमर के नाम 106 पब्लिकेशंस और 108 एक्टेंशन लेक्चर डिलिवर्ड का भी रिकॉर्ड
- ऐसे शख्स जिन्होंने पीयू के वीसी पद के लिए दिया था साक्षात्कार
- गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से भी लंबे समय तक जुड़े रहे
- द नेशनल एकेडमिक ऑफ साइंस इंडिया समेत कई अवार्ड अपने नाम किए
- विदेशी विश्वविद्यालयों के गणित विभाग से भी जुड़े रहे हैं
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इस तरह बनी बात

30 मई को सिंडिकेट की बैठक हुई थी। डीएसडब्ल्यू पद के लिए प्रो. देवेंद्र सिंह का नाम वीसी प्रो. राजकुमार की ओर से प्रस्तावित किया गया था, लेकिन इस नाम को सिंडिकेट में सहमति नहीं बन पाई। उनका कहना था कि उन्हें अनुभव कम है। भाजपा पक्ष के मेंबर्स ने प्रो. देवेंद्र के समर्थन में आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि प्रो. देवेंद्र सिंह दस साल से प्रोफेसर हैं।

इसके अलावा डॉ. अंबेडकर सेंटर का संचालन कर रहे हैं। एसवीसी रहे हैं। पुटा के अध्यक्ष भी रहे चुके हैं। यही नहीं यूनिवर्सिटी की लीगल सेल के एडवाइजर भी हैैं। इतना कुछ बताने के बाद सिंडिकेट ने बात नहीं मानी तो भाजपा मेंबर्स ने बैठक छोड़ दी। सिंडिकेट की डिमांड थी कि डीएसडब्ल्यू वह व्यक्ति बनाया जाए तो वार्डन रहा हो। इसी को ध्यान में रखते हुए वीसी प्रो. राजकुमार ने प्रो. एसके तोमर को चार्ज दिया है।

27 को सिंडिकेट लगा सकती है प्रो. तोमर के नाम पर स्थाई मुहर
जिस तरह सिंडिकेट को डीएसडब्ल्यू पद के लिए वार्डन की जरूरत महसूस हुई है। उस लिहाज से प्रो. तोमर भी वार्डन रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि 27 जून को सिंडिकेट की बैठक होगी और उसी दिन प्रो. तोमर का नाम डीएसडब्ल्यू के लिए रखा जाएगा ताकि वह एक साल तक बने रहें। सूत्रों का कहना है कि उनके नाम पर शायद ही किसी को आपत्ति हो। इस तरह स्थाई मुहर लग सकती है। मालूम हो कि सिंडिकेट ने कहा था कि 27 जून तक वीसी किसी को भी चार्ज दे सकते हैं। यदि 27 को सिंडिकेट की बैठक नहीं होती है तो 28 जून को डीयूआई के पास चार्ज चला जाएगा।

प्रो. राजिंदर कौर बनीं यूआईएलएस की निदेशक
पीयू के यूआईएलएस विभाग की निदेशक प्रो. राजिंदर कौर बनीं हैं। उन्होंने कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने एलएलएम प्रथम श्रेणी के साथ उत्तीर्ण किया है। साथ ही पीएचडी ए सोशियो लीगल स्टडी ऑफ द प्रोबल्म ऑफ वॉयलेशन ऑफ राइट ऑफ द चाइल्ड इन इंडिया विषय में की थी। 55 से अधिक रिसर्च पेपर प्रकाशित हो चुके हैं। उनका सपना है कि यूआईएलएस विभाग और भी ऊंचाइयां छूए।

जो जिम्मेदारी मिली है उसका बखूबी निर्वाहन करूंगा। यूनिवर्सिटी और छात्रों के हित में कार्य किया जाएगा।
- प्रोफेसर एसके तोमर, डीएसडब्ल्यू
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