चंडीगढ़ के स्कूलों में 11वीं कक्षा में दाखिले के लिए पहली, दूसरी और तीसरी कक्षा में करीब 1700 स्टूडेंट्स को दाखिला नहीं मिल पाया है। इन स्टूडेंट्स की पढ़ाई न छूटे, इसके लिए शिक्षा विभाग भी लगातार कई प्रयास कर रहा है। शुक्रवार को इस मामले से संबंधी सभी स्कूलों के प्रिंसिपलों की एक बैठक बुलाई गई है, जिसमें सीटें बढ़ाने जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। दाखिला नहीं पाने वाले स्टूडेंट्स के आंकड़े से विभाग भी चिंतित है, क्योंकि विभाग को सिर्फ 700 से 800 स्टूडेंट्स का अनुमान था।
उधर, सभी स्कूलों की ओर से लंबे समय से गैरहाजिर रहे, दूसरे स्कूल में माइग्रेट हुए स्टूडेंट्स जिन्होंने पुराने स्कूल से अभी नाम नहीं कटवाया है, ऐसे स्टूडेंट्स की लिस्ट तैयार की जा रही है। इसके साथ ही स्कूलों में स्टॉफ और इंफास्ट्रक्चर के आधार पर सीटें बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। 1700 स्टूडेंट्स का आंकड़ा बुधवार और वीरवार को दाखिले से वंचित रह गए स्टूडेंट्स के फॉर्म जमा कराने की संख्या से आया है। शिक्षा विभाग ने उन स्टूडेंट्स को एक फॉर्म भरकर जमा कराने को कहा गया था, जिन्हें अभी तक किसी काउंसिलिंग में दाखिला नहीं मिल पाया।
गौरतलब है कि एजुकेशन डिपार्टमेंट के पास इस बार कुल 12 हजार 815 सीटों पर 18 हजार 575 आवेदन आए थे। इनमें से 15,931 कैंडिडेट्स का नाम मेरिट लिस्ट में जारी किया गया। पहली, दूसरी और तीसरी काउंसिलिंग के बाद शहर के 40 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में एक भी सीट नहीं बची है। ऐसे में बाकी बचे स्टूडेंट्स केभविष्य को लेकर शिक्षा विभाग माथा-पच्ची में लगा है।
पहली, दूसरी और तीसरी काउंसिलिंग में 1700 के करीब स्टूडेंट्स को दाखिला नहीं मिला है। उन्होंने दिए गए दो दिन के समय में फॉर्म जमा किए है। हालांकि, इनमें से कुछ स्टूडेंट्स ने ट्रांसफर के लिए अप्लाई कर दिया है, जिन्हें मना किया गया था। आगे की रणनीति तैयार की जा रही है।
- रूबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन, चंडीगढ़ (यूटी)