चंडीगढ़। गैंगस्टर इंद्रप्रीत उर्फ पैरी की हत्या एक साजिश का हिस्सा थी जिसे पहले से ही पूरी तरह से योजनाबद्ध किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, पैरी को फोन कर टिंबर मार्केट बुलाया गया और जब उसने कार रोकी तो उसकी कार से एक युवक भागता दिखा। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज में यह साफ नहीं हो पा रहा कि वह युवक पहले से वहां था या पैरी के साथ बैठा था।
सीसीटीवी में दिख रहा है कि पैरी की कार शाम 6 बजे टिंबर मार्केट में रुकी तभी वह युवक जो पैरी की कार के पास था, भागते हुए क्रेटा कार में बैठ गया। इसके बाद हमलावर पैरी की कार को ओवरटेक कर चलते बने। सीसीटीवी फुटेज से यह भी पता चलता है कि क्रेटा कार पैरी की कार के ठीक पीछे खड़ी थी जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह पूरी घटना योजनाबद्ध थी। हमलावर ने पैरी की कार को ओवरटेक कर हमला किया और भाग निकला।
सूत्रों का कहना है कि पैरी कुछ समय से गोल्डी बराड़ के संपर्क में था और उसके नाम पर वसूली कर रहा था। पहले वह लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर ट्राइसिटी के क्लबों से रंगदारी वसूलता था लेकिन गोल्डी बराड़ के साथ उसके रिश्ते बढ़ने के बाद उसने उनके गैंग के लिए भी काम करना शुरू कर दिया था।
कुछ दिन पहले सिप्पा की दुबई में हत्या हुई थी, जिसका जिक्र पोस्ट में भी किया गया है। सिप्पा की हत्या गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा की ओर से करवाई गई थी। सूत्रों के अनुसार, अब एक बड़े गैंगवार की आशंका जताई जा रही है क्योंकि लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के बीच अब खुलकर विवाद सामने आ गया है। दोनों के अपने-अपने गैंग बन गए हैं।
फोन आने पर क्लब से निकला था पैरी
सूत्रों ने बताया कि पैरी घटना से कुछ देर पहले सेक्टर-26 के एक क्लब में बैठा था। उसे किसी ने फोन कर टिंबर मार्केट बुलाया। पैरी अपनी कार लेकर वहां पहुंचा और उसी दौरान उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस जांच कर रही है कि पैरी की कार के पास मौजूद युवक पहले से था या फिर वह मौके पर पहुंचा था। सूत्रों के मुताबिक क्रेटा पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक सुनियोजित हत्या थी।